‘निशिकांत दुबे आकंठ भ्रष्टाचार में डुबे हुए व्यक्ति’, नेहरू के खिलाफ टिप्पणी पर राजद सांसद ने किया पलटवार

नई दिल्ली, 29 जुलाई . राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सांसद सुधाकर सिंह ने जवाहरलाल नेहरू के खिलाफ भाजपा सांसद निशिकांत दुबे की टिप्पणी पर ऐतराज जताया है. उन्होंने कहा कि निशिकांत दुबे का एकमात्र काम भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करना है. साथ ही, सुधाकर सिंह ने आरोप लगाए कि निशिकांत दुबे भ्रष्टाचार व्यक्ति हैं और अपराधियों से मिले हुए हैं.

राजद सांसद सुधाकर सिंह ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा, “वे निशिकांत दुबे नहीं, बल्कि ‘नीचकांत’ दुबे हैं. उनका एकमात्र काम भारतीय लोकतंत्र को कमजोर करना है. वे संसद में किसी भी गंभीर मुद्दे पर बात नहीं करते. इसके बजाय वे भारत की आजादी के लिए लड़ने वाले महान नेताओं को अपशब्द कहते हैं और उनकी छवि खराब करते हैं. वे इसके अलावा कुछ नहीं करते.”

सुधाकर सिंह ने कहा कि निशिकांत दुबे आकंठ भ्रष्टाचार में डुबे हुए व्यक्ति हैं. उनके खिलाफ दर्जनों सबूत हैं. वे अपराधियों से मिले हुए हैं. आने वाले दिनों में आप देखेंगे कि हम उनके खिलाफ कई तथ्य और सबूत पेश करेंगे.

पेपर लीक मामले पर सांसद सुधाकर सिंह का कहना है, “भारतीय जनता पार्टी की हालत खराब हो गई है. बिहार में छात्र आंदोलन और छात्रों पर पुलिस की फायरिंग, साथ ही भरत तिवारी के एनकाउंटर की वजह से सरकार की छवि को बहुत नुकसान पहुंचा है. दूसरी ओर, आप देखेंगे कि बांकीपुर चुनाव में भाजपा पिछड़ जाएगी. राष्ट्रीय जनता दल हमेशा से सबसे मजबूत विपक्षी पार्टी रही है. हमारा सपोर्ट बेस और मजबूत हुआ है. वहां रेखा गुप्ता चुनाव जीतेंगी.”

एंटी पेपर लीक विधेयक पर राजद सांसद ने कहा, “पेपर लीक के खिलाफ पहले से ही कानून था. इसमें संशोधन की मांग किसने की? क्या छात्रों ने कहा था कि कानून में संशोधन कीजिए?”

उन्होंने आरोप लगाया कि असल में सरकार कोई कार्रवाई नहीं करना चाहती है. सरकार घोटालेबाज और पेपर लीक करने वालों को बचाने के लिए भटकाने का काम और संसद का समय बर्बाद कर रही है. सरकार कानून में बिल्कुल जवाबदेही तय नहीं करना चाहती है. सीबीआई ने 17-18 पेपर लीक मामलों में किसी एक व्यक्ति को भी दंडित नहीं कराया है. सरकार सारे घोटालेबाजों से मिलकर देश चला रही है. इसलिए नए कानून से कोई फर्क नहीं पड़ेगा.”

उन्होंने आगे कहा, “नए कानून में 50 लाख की जगह 5 करोड़ लिख देने और सजा 4 साल से बढ़ाकर 8 साल कर देने से क्या होगा? सरकार ने चार साल वाली सजा भी किसको दिलवाई.”

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