
मुंबई, 29 जुलाई . भाजपा नेता राम कदम ने अखिलेश यादव के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया था कि धर्मेंद्र प्रधान ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बचाने के लिए इस्तीफा दिया. इसके साथ ही कई अन्य मुद्दों पर अपनी राय दी.
अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा नेता राम कदम ने से बातचीत में कहा, “अभी संसद का मानसून सत्र चल रहा है. विपक्ष के नेता ऐसे बयान सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए देते दिखते हैं. शायद मकसद मीडिया का ध्यान उन अहम मुद्दों से भटकाना है जिन पर संसद सत्र के दौरान चर्चा होनी चाहिए, इसीलिए अखिलेश यादव ने यह बयान दिया है. चूंकि मानसून सत्र चल रहा है, इसलिए विपक्ष को किसानों और समाज के अलग-अलग वर्गों से जुड़े मुद्दे उठाने चाहिए और सार्थक चर्चा में हिस्सा लेना चाहिए. सरकार गंभीरता के साथ इन सवालों का जवाब देगी.”
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज एफआईआ वापस लेने के आदेश पर राम कदम ने कहा, “यह सरकार छात्रों का सम्मान करती है और छात्र ही इस देश का असली भविष्य हैं. अगर छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज होती है, तो इससे उनके भविष्य के मौकों में रुकावट आ सकती है. कई नौकरियों के लिए कैरेक्टर सर्टिफिकेट की जरूरत होती है और एफआईआर होने से गंभीर मुश्किलें आ सकती हैं, सिर्फ छोटी-मोटी नौकरियों के लिए ही नहीं, बल्कि करियर के बड़े मौकों के लिए भी बाधा आ सकती है. ऐसी स्थिति में देवेंद्र फडणवीस ने छात्रों के हित और सम्मान में फैसला लिया है.”
इंडी गठबंधन ने कहा है कि गृहमंत्री अमित शाह का पुलिस कार्रवाई पर रुख नहीं बदलेंगे तो संसद के अंदर और बाहर आंदोलन तेज करेंगे. इस बयान भाजपा नेता राम कदम ने कहा, “विपक्ष हताश है. वे पूरी तरह निराश हैं और उलझन में हैं कि संसद सत्र के दौरान कौन से मुद्दे उठाए जाएं. नतीजा यह है कि जब उन्हें कोई ठोस मुद्दा नहीं मिलता, तो वे ऐसे गैर-जिम्मेदाराना और बेतुके बयान देने लगते हैं.”
शरद पवार ने कहा है कि एनडीए में शामिल होने का उनका कोई इरादा नहीं है. प्रधानमंत्री से एक शिष्टाचार मुलाकात थी. इस बयान पर भाजपा नेता ने कहा, “अगर शरद पवार कह रहे हैं कि उनका अजित पवार गुट के साथ विलय नहीं होगा और एनडीए में शामिल नहीं होंगे, यह उनका अपना निजी फैसला है.”
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