
नई दिल्ली, 29 जुलाई . भारत के पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंह को पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा से जुड़े मामले में दिल्ली हाई कोर्ट ने राहत दी है. हाई कोर्ट ने इस मामले को लेकर नोटिस जारी किया है. मामले की अगली सुनवाई 30 नवंबर को होगी.
दिल्ली हाई कोर्ट का कहना है कि युवराज के पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कोर्ट अंतरिम आदेश पारित करेगा. इसके साथ ही हाई कोर्ट ने युवराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर मौजूद सभी आपत्तिजनक पोस्ट और उनकी इजाजत के बगैर शेयर किए गए तमाम पोस्ट को अगले 48 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है.
मामले की सुनवाई कर रहीं जज ज्योति सिंह ने यह फैसला सुनाया. युवराज के वकील ने कोर्ट में पूर्व क्रिकेटर को लेकर किए गए आपत्तिजनक पोस्ट के लिंक की लिस्ट शेयर की और बताया कि इनमें से दो लिंक को हटा दिया गया है. वकील ने बताया कि युवराज की सहमति के बिना उनके व्यक्तित्व गुणों का उपयोग करके आर्थिक लाभ के लिए सामान बेचे जा रहे हैं.
वकील ने बताया कि उल्लंघन करने वाले लिंकों में से एक पोस्ट रेडिट से संबंधित था, जिसमें युवराज पर महिलाओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया और पूर्व क्रिकेटर के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियां भी की गईं. रेडिट की तरफ से पेश हुए वकील ने लिंक को दो साल पुराना बताते हुए इसे व्यक्तित्व अधिकार नहीं, बल्कि मानहानि का मामला बताया.
न्यायमूर्ति सिंह ने वाद को मुकदमे के रूप में दर्ज करते हुए अंतरिम निषेधाज्ञा आवेदन पर नोटिस जारी किया है. मध्यस्थों को इस मामले में अपना जवाब तीन सप्ताह के भीतर दाखिल करना होगा. कोर्ट ने कहा कि वह कंटेंट को अपलोड करने वाले अपलोडर को 48 घंटे के भीतर लिंक को हटाने का आदेश देगा. अगर कंटेंट को अपलोड करने वाला लिंक को दिए गए समय में नहीं हटाता है, तो फिर कोर्ट युवराज को मध्यस्थों की मदद लेकर इसे 36 घंटों में हटाने की इजाजत देगा.
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एसएम/पीएम