
भोपाल, 29 जुलाई . भोपाल के पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने बुधवार को विरोध कर रहे किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की. मूंग की खरीद, ई-टोकन सिस्टम और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी को लेकर किसानों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी रहा, जबकि मध्य प्रदेश की राजधानी में पुलिस ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे.
किसानों ने बैठक के दौरान अपनी मांगों की लिस्ट का एक ज्ञापन सौंपा.
कुमार ने उन्हें भरोसा दिलाया कि प्रशासन बातचीत के जरिए मुद्दों को सुलझाने और साथ ही कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है.
भोपाल पुलिस कमिश्नर ने से बात करते हुए कहा कि यह सुनिश्चित करने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए गए हैं कि विरोध प्रदर्शन से शहर में आम जनजीवन बाधित न हो.
उन्होंने कहा, “हमने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी जरूरी इंतजाम किए हैं. यह सुनिश्चित करने के लिए कि लोगों को ट्रैफिक से जुड़ी कोई परेशानी न हो, डायवर्जन रूट बनाए गए हैं. डायवर्जन का विस्तृत प्लान अखबारों और सोशल मीडिया के जरिए शेयर किया गया है. रूट के दोनों तरफ डायवर्जन पॉइंट बनाए गए हैं और पर्याप्त स्थानीय पुलिस बल तैनात किया गया है.”
उन्होंने कहा कि पुलिस प्रदर्शनकारी किसानों के लगातार संपर्क में है और सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की.
कुमार ने कहा, “हमारी प्राथमिकता बातचीत को बढ़ावा देते हुए शांति बनाए रखना है. हम सभी से सहयोग की अपील करते हैं, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे.”
इस बीच किसान संघ के सदस्यों ने आरआरएल स्क्वायर पर अपना धरना जारी रखा, जहां वे मंगलवार रात से डेरा डाले हुए हैं. दिन के दौरान विरोध प्रदर्शन में और समर्थक शामिल हुए.
पुलिस ने एएमपीआरआई जंक्शन पर वीर सावरकर सेतु के पास मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च कर रहे किसानों के एक समूह को बसों से बनी चार-स्तरीय बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया.
कुछ प्रदर्शनकारी बैरिकेड पर चढ़ गए, लेकिन बाद में पुलिस के दखल के बाद नीचे उतर आए. फिर वे सड़क पर बैठ गए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.
कुछ किसानों ने बिना शर्ट के विरोध प्रदर्शन किया और मूंग की 100 प्रतिशत खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी और अन्य लंबित मुद्दों के समाधान की मांग की.
एक प्रदर्शनकारी ने को बताया, “पुलिस कई जगहों पर किसानों को रोक रही है. ऐसा नहीं होना चाहिए. विरोध स्थल पर और समर्थक पहुंच रहे हैं.”
इससे पहले बुधवार सुबह, मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने किसानों से बातचीत के लिए मंत्रियों की एक समिति बनाई है.
उन्होंने कहा, “हम किसानों के सुझावों का स्वागत करते हैं. समिति उनके मुद्दों पर चर्चा करेगी, लेकिन इस बात का भी ध्यान रखा जाना चाहिए कि आम जनता को परेशानी न हो.”
विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने राज्य सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सिर्फ एक समिति बनाने से किसानों की समस्याएं हल नहीं होंगी. कांग्रेस ने मूंग की 100 प्रतिशत खरीद, खाद वितरण में सुधार और किसानों से जुड़े लंबित मुद्दों के जल्द समाधान की भी मांग की.
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एससीएच/डीकेपी