
नई दिल्ली, 30 जुलाई . दिल्ली पुलिस ने ‘आप’ विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान, उनके बेटे और अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है. यह एफआईआर एक महिला के आरोपों के आधार पर दर्ज की गई है, जिसका परिवार फूल बेचकर गुजारा करता है.
जिमी नाम की शिकायतकर्ता ने गुरुवार को एमएलए और उनके बेटे पर अपने परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट करने और गाली-गलौज व अश्लील भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया.
जिम्मी ने से बात करते हुए कहा, “18 जुलाई को निरंजन नाम का एक व्यक्ति मेरी फूलों की दुकान पर आया. उसने कहा कि वह ‘आप’ विधायक वीरेंद्र कादियान के ऑफिस से आया है. उसने मेरे पिता से 500 रुपए का गुलदस्ता लिया. जब मेरे पिता ने पैसे मांगे तो उसने फूलों की लागत के लिए कम से कम 300 रुपए देने का अनुरोध किया. पैसे देने के बजाय उसने फूल ले लिए और विधायक के ऑफिस से होने का दावा करते हुए हमारी दुकान हटवाने की धमकी दी.”
उन्होंने आगे आरोप लगाया कि बाद में उसी दिन, लगभग 3 बजे, निरंजन ने कैंटोनमेंट बोर्ड से शिकायत की, जिसके बाद अधिकारियों ने उनकी दुकान हटा दी और उनका सामान जब्त कर लिया.
शिकायत करने वाली महिला ने आरोप लगाया, “दोपहर करीब 3:30 बजे जब हम विधायक वीरेंद्र कादियान के ऑफिस गए, तो उन्होंने अपने समर्थकों को दरवाजा बंद करने का इशारा किया. उन्होंने मेरी मां को थप्पड़ मारा और उनके साथ बदतमीजी से बात करते हुए गाली-गलौज की. जब मेरे पति ने घटना को रिकॉर्ड करने के लिए अपना फोन निकाला तो आठ-दस लोगों ने उन पर हमला कर दिया. विधायक के बेटे ने उनकी आंख के पास मारा, जिससे खून बहने लगा. एमएलए के बेटे ने मेरे साथ दुर्व्यवहार किया.”
उन्होंने आगे दावा किया कि बहस के दौरान उनका दो साल का बेटा जमीन पर गिर गया.
उन्होंने आरोप लगाया, “मेरा दो साल का बेटा जमीन पर गिर गया. उन्होंने मेरे पेट पर मारा और मेरे बेटे के साथ भी मारपीट की.”
एफआईआर में जिमी ने बताया कि घटना के दौरान उनके पति, माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को बार-बार जान से मारने की धमकी दी गई.
उन्होंने शिकायत में कहा, “हम अपनी जान बचाकर भागने में तो कामयाब रहे, लेकिन आरोपी हमें मारने के इरादे से बाहर तक हमारे पीछे आए. इस घटना के बाद से हमारा पूरा परिवार डर और दहशत में जी रहा है और हमें आरोपी से अपनी जान-माल को गंभीर खतरा है.”
शिकायतकर्ता ने आगे आरोप लगाया कि पूरी घटना मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई थी.
एफआईआर में उन्होंने कहा, “पूरी घटना मोबाइल फोन और सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, इसलिए मैं आपसे गुजारिश करती हूं कि इस शिकायत पर तुरंत ध्यान दें और आरोपी बीरेंद्र कादियान, अंकित कादियान, निरंजन और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार एफआईआर दर्ज करें और निष्पक्ष व तेजी से जांच सुनिश्चित करें. मेरी गुजारिश है कि घटना वाली जगह और एमएलए के ऑफिस के सीसीटीवी फुटेज को तुरंत सुरक्षित और जब्त किया जाए. आरोपियों से पूछताछ हो, पीड़ितों का मेडिकल टेस्ट हो और मुझे व मेरे परिवार को सुरक्षा दी जाए. दोषियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए.”
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एसएचके/डीकेपी