बॉम्बे हाई कोर्ट कैंटीन को एफडीए का नोटिस, एफएसएसएआई लाइसेंस न होने पर तत्काल बंद करने और कार्रवाई की चेतावनी

मुंबई, 31 जुलाई . खाद्य एवं औषध प्रशासन एफडीए ने बॉम्बे हाई कोर्ट परिसर में संचालित हाई कोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन को नोटिस जारी कर तत्काल खाद्य व्यवसाय बंद करने का निर्देश दिया है. विभाग ने लाइसेंस न होने पर कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी दी है.

30 जुलाई को एफडीए की टीम ने हाई कोर्ट परिसर में सरप्राइज इंस्पेक्शन किया. निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को पता चला कि कैंटीन में न्यायिक कर्मचारियों और वकीलों को खाना-नाश्ता परोसा जा रहा है, लेकिन उसके पास खाद्य पदार्थों की बिक्री और वितरण के लिए आवश्यक एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण नहीं है.

एफडीए द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत किसी भी खाद्य व्यवसाय को चलाने के लिए एफएसएसएआई लाइसेंस या पंजीकरण लेना अनिवार्य है. इसके बिना किसी भी तरह का भोजन तैयार करना, बेचना या वितरित करना कानून का उल्लंघन है. निरीक्षण में कैंटीन इस नियम का पालन करती हुई नहीं पाई गई.

खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने कैंटीन प्रबंधन को लिखित निर्देश दिया है कि जब तक आवश्यक लाइसेंस और पंजीकरण प्राप्त नहीं हो जाता, तब तक खाद्य व्यवसाय का संचालन पूरी तरह बंद रखा जाए. आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि यदि निर्देश का उल्लंघन किया गया तो खाद्य सुरक्षा कानून की संबंधित धाराओं के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी. इसमें जुर्माना और प्रतिष्ठान को सील करने जैसी कार्रवाई भी शामिल हो सकती है.

हाई कोर्ट स्टाफ को-ऑपरेटिव कैंटीन पिछले कई सालों से परिसर में काम कर रही है और यहां रोजाना सैकड़ों वकील, क्लर्क और न्यायिक कर्मचारी खाना खाते हैं. एफडीए के इस नोटिस के बाद कैंटीन में काम अचानक रुक गया है. एफडीए अधिकारियों के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर खाने-पीने की चीजें बेचने वाले हर प्रतिष्ठान को गुणवत्ता और स्वच्छता के मानकों का पालन करना जरूरी है.

लाइसेंस प्रक्रिया के तहत कैंटीन को अपनी रसोई, कच्चे माल के स्रोत, कर्मचारियों की मेडिकल फिटनेस और साफ-सफाई के रिकॉर्ड जमा करने होते हैं. कैंटीन प्रबंधन की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है.

एससीएच/एबीएम