अमेरिकी सेना ने 24 जहाजों का बदला रास्ता, दो पर सवार होकर कार्रवाई कीः सेंटकॉम

वॉशिंगटन, 31 जुलाई . अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने प्रवर्तन अभियानों के बारे में नई जानकारी दी है. सेना का कहना है कि अमेरिकी बलों ने दर्जनों कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया है, साथ ही मध्य पूर्व में व्यापक निगरानी और नौसैनिक उपस्थिति बनाए रखी है.

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि उसकी नाकेबंदी को युद्धपोतों, निगरानी करने वाले विमानों और हजारों सैनिकों के जरिए लागू किया जा रहा है. साथ ही, उसने ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) के ‘झूठे दावों’ को भी खारिज कर दिया.

सेंटकॉम ने एक तस्वीर शेयर की, जिसमें “मिडिल ईस्ट में गश्त के दौरान अमेरिकी नेवी का पी-8 पोसीडॉन विमान अमेरिकी एयर फोर्स के केसी-135 स्ट्रैटोटैंकर के पास ईंधन भरने के लिए पहुंच रहा है.”

कमांड ने कहा कि यह विमान एक खास निगरानी विमान है, जो ईरान के खिलाफ अमेरिका की नाकेबंदी के दौरान इलाके के समुद्री क्षेत्र पर नजर रखने वाले कई साधनों में से एक है.

कमांड ने आगे कहा, “30 जुलाई तक सेंटकॉम की फोर्स ने नियमों का पूरा पालन सुनिश्चित करने के लिए 24 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला, 2 को रोका और 2 पर सवार होकर जांच की.”

सेंटकॉम ने ईरान के सरकारी मीडिया और आईआरजीसी पर खाड़ी में हो रही घटनाओं के बारे में गलत जानकारी फैलाने का आरोप लगाया. इसके कुछ ही घंटों बाद यह ताजा ऑपरेशनल अपडेट आया.

एक्स पर एक पहले के पोस्ट में सेंटकॉम ने कहा, “पिछले कुछ घंटों में ईरान के सरकारी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के झूठे दावों को लगातार रिपोर्ट किया है, खासकर तीन दावों को.”

आईआरजीसी ने दावा किया था, “होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरने वाले आजाद और खुले रास्ते कमर्शियल जहाजों के लिए खतरनाक हैं.”

इस आरोप को खारिज करते हुए सेंटकॉम ने कहा, “कमर्शियल जहाजों और उनके आम नागरिकों वाले क्रू के लिए असल खतरा आईआरजीसी की जबानी धमकियां और हमले की कोशिशें हैं.”

सेंटकॉम ने ईरान के उन दावों को भी खारिज कर दिया जिनमें कहा गया था, “हाल ही में अमेरिकी एयरबेस पर हुए ईरानी हमले में तीन अमेरिकी एफ-35 स्टील्थ फाइटर और तीन अन्य विमान नष्ट हो गए थे.”

सेंटकॉम ने जवाब दिया, “ईरान के हालिया हमलों की कोशिशों में कोई भी अमेरिकी विमान नष्ट या क्षतिग्रस्त नहीं हुआ. सभी मिसाइलों और ड्रोन्स को रोक दिया गया या वे टारगेट तक नहीं पहुंच पाए.”

कमांड ने उन रिपोर्टों को भी गलत बताया, जिनमें कहा गया था कि कमर्शियल ऑयल टैंकर एम/टी नोरा ने अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ दिया है.

सेंटकॉम के अनुसार, “कमर्शियल जहाज ने अमेरिका की मजबूत नाकेबंदी को नहीं तोड़ा है. 20 से ज्यादा अमेरिकी युद्धपोत, सैकड़ों विमान और हजारों सैनिक सतर्क हैं और नाकेबंदी को पूरी तरह से लागू कर रहे हैं.”

ये बयान वॉशिंगटन और तेहरान के बीच चल रही दावों की लड़ाई में एक और तेजी को दिखाते हैं. दोनों पक्ष एक-दूसरे के उलट दावे कर रहे हैं. अमेरिका का कहना है कि वह अपनी नाकेबंदी लागू रखे हुए है और दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक पर नजर बनाए हुए है.

ओपी/डीकेपी