
भिवंडी, 1 अगस्त . महाराष्ट्र के भिवंडी में गिरी चार मंजिला बिल्डिंग के मालिक और मरम्मत का काम कर रहे कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ शनिवार को केस दर्ज किया गया है. रेस्क्यू ऑपरेशन पूरा होने तक इस हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 10 हो गई.
अधिकारियों ने उन लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है जो इस इमारत के निर्माण और रखरखाव के लिए जिम्मेदार थे. स्थानीय नगर निकाय ने इस इमारत को पहले ही असुरक्षित घोषित कर दिया था.
अधिकारियों के मुताबिक, बिल्डिंग के मालिक बिलाल अहमद अबू बकर खान के खिलाफ केस दर्ज किया गया है, जिन्होंने बिना जरूरी इजाजत के बिल्डिंग बनाई थी. साथ ही, कॉन्ट्रैक्टर अशोक के खिलाफ भी केस दर्ज किया गया है, जो बिल्डिंग के पिलर की मरम्मत का काम कर रहा था.
यह शिकायत भिवंडी-निजामपुर नगर निगम के प्रभारी फैसल अब्दुल कय्यूम तातली ने दर्ज कराई थी.
यह दुखद घटना गुरुवार देर रात हुई, जब भिवंडी के बालाजी नगर इलाके में चार मंजिला बिल्डिंग गिर गया. बताया जा रहा है कि उस समय मरम्मत का काम चल रहा था. बिल्डिंग गिरने से निवासियों में अफरातफरी मच गई और कई आपातकालीन एजेंसियों की मदद से बड़े पैमाने पर बचाव अभियान चलाया गया.
नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (एनडीआरएफ) के मुताबिक, मलबे से और शव मिलने के बाद मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है. मलबे के नीचे और लोगों के दबे होने की आशंका के बीच बचाव अभियान अभी भी जारी है.
अधिकारियों ने बताया कि बिल्डिंग गुरुवार देर रात करीब 11:30 बजे गिरी. बिल्डिंग में 48 कमरे थे, हर मंजिल पर 12 कमरे थे. खराब हालत के कारण नगर निगम अधिकारियों ने इसे पहले ही खतरनाक घोषित कर दिया था.
शुक्रवार को भिवंडी हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दुख जताया था. इसके साथ ही उन्होंने मृतकों के परिजनों को सहायता राशि देने की बात कही थी.
प्रधानमंत्री ने कहा था, “महाराष्ट्र के ठाणे में इमारत गिरने से हुई मौतों के बारे में सुनकर बहुत दुख हुआ. दुख की इस घड़ी में मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों के साथ हैं. घायल जल्द से जल्द ठीक हों.”
प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) की ओर से घोषणा की गई थी कि प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (पीएमएनआरएफ) से प्रत्येक मृतक के परिजनों को 2 लाख रुपए और घायलों को 50,000 रुपए की अनुग्रह राशि दी जाएगी.
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वीकेयू/एएस