रूफटॉप सोलर में उत्तर प्रदेश ने मारी बाजी, लखनऊ बना देश का नंबर-1, टॉप 100 में प्रदेश के 17 जिले शामिल

लखनऊ, 1 अगस्त . स्वच्छ और सस्ती बिजली की दिशा में उत्तर प्रदेश ने बड़ा कदम बढ़ाया है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश ने प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के तहत रूफटॉप सोलर लगाने में देशभर में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है.

केंद्र सरकार की ताजा सूची के मुताबिक देश के शीर्ष 100 जिलों में उत्तर प्रदेश के 17 जनपद शामिल हैं. सबसे बड़ी बात ये है कि राजधानी लखनऊ 1,24,167 रूफटॉप सोलर संयंत्रों के साथ लगातार देश में पहले नंबर पर बनी हुई है.

उत्तर प्रदेश नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (यूपी नेडा) के डायरेक्टर रविंदर सिंह ने बताया कि लखनऊ में बड़ी संख्या में घरों और संस्थानों ने छत पर सोलर पैनल लगवाए हैं. इसी वजह से लखनऊ ने देश में नंबर-1 होने का गौरव बरकरार रखा है.

इस सूची में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र वाराणसी भी पीछे नहीं रहा. वाराणसी ने देश में 10वां स्थान हासिल किया है. यहां 48,829 संयंत्र लग चुके हैं. वहीं ,औद्योगिक शहर कानपुर नगर भी 43,289 संयंत्रों के साथ देश में 14वें स्थान पर पहुंच गया है. इस तरह देश के टॉप 15 जिलों में यूपी के तीन जिले लखनऊ, वाराणसी और कानपुर शामिल हैं.

टॉप 100 में यूपी के ये 17 जिले रूफटॉप सोलर को लेकर यूपी के लोगों में जागरूकता तेजी से बढ़ी है और इसका असर रैंकिंग में साफ दिख रहा है. शीर्ष 100 में शामिल यूपी के अन्य जिलों में बरेली 28,315 संयंत्रों के साथ देश में 24वें, आगरा 26,375 संयंत्रों के साथ 29वें और प्रयागराज 23,773 संयंत्रों के साथ 37वें स्थान पर है. झांसी 18,354 संयंत्रों के साथ 51वें, रायबरेली 17,532 के साथ 56वें और गोरखपुर 14,498 के साथ 70वें नंबर पर है. सहारनपुर 13,821 के साथ 73वें, मुजफ्फरनगर 13,464 के साथ 75वें और मेरठ 13,137 के साथ 78वें स्थान पर रहा. इसके अलावा बाराबंकी 13,126 के साथ 79वें, अलीगढ़ 12,925 के साथ 81वें, शाहजहांपुर 12,158 के साथ 86वें, सीतापुर 12,008 के साथ 88वें और उन्नाव 11,779 संयंत्रों के साथ 90वें स्थान पर है.

प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सरकार रूफटॉप सोलर लगवाने पर सब्सिडी दे रही है. इस वजह से आम लोग भी अब सोलर की तरफ बढ़ रहे हैं. रूफटॉप सोलर लगने से घरों का बिजली बिल कम हो रहा है. दिन में बनी अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में बेचकर लोग कमाई भी कर पा रहे हैं. इससे एक तरफ जेब पर बोझ कम हुआ है, तो दूसरी तरफ पर्यावरण को भी फायदा मिल रहा है. सोलर से बिजली बनने से कार्बन उत्सर्जन घट रहा है और हवा साफ हो रही है.

यूपी नेडा के डायरेक्टर रविंदर सिंह ने कहा कि वाराणसी में सोलर अभियान का असर साफ दिख रहा है. पीएम के संसदीय क्षेत्र होने की वजह से वहां लोगों में इसको लेकर खासा उत्साह है. कानपुर जैसे औद्योगिक शहर का टॉप 15 में आना भी इस बात का संकेत है कि अब फैक्ट्रियां और कारोबारी भी हरित ऊर्जा अपना रहे हैं.

यूपी सरकार ने रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं. जनजागरूकता अभियान चलाए गए. ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया को आसान बनाया गया. समय पर मंजूरी मिले इसके लिए डिस्कॉम और एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल किया गया. सब्सिडी का पैसा भी सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजा जा रहा है. सरकार और केंद्र की योजनाओं के सही तरीके से लागू होने की वजह से लाखों परिवार अब सौर ऊर्जा से जुड़ चुके हैं.

अधिकारियों का कहना है कि जिस तेजी से यूपी में रूफटॉप सोलर लग रहे हैं, उससे आने वाले समय में प्रदेश देश का सबसे बड़ा स्वच्छ ऊर्जा केंद्र बनकर उभरेगा. सरकार का लक्ष्य है कि ज्यादा से ज्यादा घरों की छतों पर सोलर पैनल लगे ताकि लोग बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनें और प्रदेश प्रदूषण मुक्त हो.

वीकेयू/पीएम