
पटना, 2 अगस्त . सीवान में एके-47 फायरिंग घटना की जांच के लिए पहुंची कांग्रेस की फैक्ट फाइंडिंग टीम में शामिल सांसद इमरान प्रतापगढ़ी ने रविवार को गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने कहा कि इस घटना में बच्चों को निशाना बनाकर फायरिंग की गई और सरकार युवाओं की आवाज को दबाना चाहती है.
इमरान प्रतापगढ़ी ने समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा, “एके 47 चली, जिसका शोर पूरी दुनिया में सुनाई पड़ रहा है, लेकिन वहां पर तीन बच्चों को गोली लगी, और वे गोलियां एके-47 से नहीं, बल्कि पिस्तौल से चलाई गई थीं. यानी पिस्तौल से भी फायरिंग हुई और गोलियां सीधे बच्चों को लगीं. एक बच्चे के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य बच्चों की गर्दन और गले में गोली लगी, जो बहुत गंभीर मामला है.”
उन्होंने बताया, “टीम ने घायल बच्चों से मुलाकात की. हम उन सभी घायल बच्चों से मिले. हमारे साथ सासाराम के सांसद मनोज राम, विक्रांत भूरिया और विनोद जाखड़ भी मौजूद थे. उन बच्चों का दर्द और तकलीफ सुनकर ऐसा लगता है कि इस आंदोलन को बहुत बेरहमी से कुचलने की कोशिश की गई, मानो उन्हें जान से मारने की नीयत से हमला किया गया हो. हम इन सभी तथ्यों को अपने साथ ले जा रहे हैं और राहुल गांधी के सामने रखेंगे. मुझे यकीन है कि राहुल जल्द ही पीड़ितों से मिलेंगे और संसद में भी यह मुद्दा उठाया जाएगा.”
इमरान प्रतापगढ़ी ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश की सबसे बड़ी ताकत माने जाने वाले युवाओं को कुचलने की कोशिश हो रही है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बयान का हवाला देते हुए कहा, “सरकार देश की ताकत को कुचलना क्यों चाहती है? दुनिया के किसी भी देश के लिए युवा सबसे बड़ी ताकत है. जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है, लेकिन सरकार उसी जवानी को एके47, पैलेट गन, पिस्टल, आंसूगैस और लाठी से कुचलना चाहती है.”
उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के विचारों का जिक्र करते हुए कहा, “युवा ही राष्ट्र निर्माण की रीढ़ हैं. स्वामी विवेकानन्द ने कहा था कि देश के युवा शिक्षा और चरित्र से राष्ट्र का भविष्य तय करते हैं, लेकिन यहां युवाओं को शिक्षा और रोजगार की जगह गोलियां दी जा रही हैं. वे ऐसा नहीं कर पाएंगे. सरकार के इस प्रयास को पूरी दुनिया देख रही है.”
इमरान प्रतापगढ़ी ने आगे कहा, “सरकार को समझना चाहिए कि उन्हें सरकार चलाने की आजादी है, तो ऐसा थोड़े ही है कि वे गोली चला देंगे. लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाने के लिए हथियारों का इस्तेमाल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.”
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एससीएच/डीकेपी