
नई दिल्ली, 3 अगस्त . सोमवार को एक बार फिर राज्यसभा में प्रशनकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई. हाल ही में हुए छात्र प्रदर्शनों से जुड़े मुद्दों पर विपक्ष राज्यसभा में विधायी कामकाज के स्थगन व नियम 267 के तहत चर्चा की मांग कर रहा है.
सोमवार को भी सदन में विपक्ष ने अपनी इस मांग को लेकर नारेबाजी की. कई सांसद सदन की कार्यवाही शुरू होने के कुछ देर बाद ही अपनी सीटों से उठकर आगे आ गए और नारेबाजी करने लगे. हंगामा होता देख सभापति सीपी राधाकृष्णन ने सांसदों को वापस अपनी सीटों पर लौटने को कहा. लेकिन विपक्षी सांसद अपनी मांगों को लेकर नारे लगाते रहे. इस बीच सदन में हंगामा बढ़ता देख सभापति ने सदन की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
वहीं, लोकसभा में भी हंगामे की स्थिति बनी रही. यहां भी सदन की कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया. राज्यसभा में सोमवार को लगातार जबरदस्त नारेबाजी होती रही. विपक्षी सांसद अपनी सीटों से उठकर सभापति के आसन के समीप आ गए और नियम 267 के तहत चर्चा कराने की मांग पर अड़े रहे. हालांकि सभापति ने विपक्ष की यह मांग पहले ही अस्वीकार कर दी है.
सोमवार को भी उन्होंने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस स्वीकार नहीं किए गए हैं. कई सांसद हाथों में पोस्टर लेकर प्रदर्शन करते हुए दिखाई दिए. इस पर सभापति ने नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि यह नियमों का उल्लंघन है. लेकिन विरोध जारी रहा. वहीं, सभापति द्वारा 267 का नोटिस अस्वीकार करने की जानकारी देने के बाद सदन में नारेबाजी और हंगामा और तेज हो गया.
बढ़ते हंगामे के बीच सभापति सीपी राधाकृष्णन ने राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी. इससे पहले राज्यसभा में प्रतिपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे कह चुके हैं कि विपक्ष के सांसदों ने नोटिस दिया है. ये सांसद नियम 267 के तहत दिए गए नोटिस के अंतर्गत चर्चा चाहते हैं. विपक्षी सांसदों का कहना है कि वे प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस बल के इस्तेमाल समेत अन्य संबंधित मुद्दों पर इस नियम के तहत चर्चा करने की मांग कर रहे थे.
हालांकि सभापति ने नियम 267 को अस्वीकार कर दिया. सभापति ने कहा कि यह बात कई बार कही जा चुकी है. सभापति के मुताबिक पूर्व में भी नियम 267 के तहत चर्चा को अनुमति नहीं दी गई थी.
गौरतलब है कि संसद के मानसून सत्र में अभी तक प्रश्नकाल व शून्यकाल का अधिकांश समय हंगामे की भेंट चढ़ चुका है. सोमवार को भी सदन में यही स्थिति बनी रही और राज्यसभा में प्रश्नकाल की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई.
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जीसीबी/एसके