पैलेट गन आदेश और 20 जुलाई की बर्बरता पर सरकार दे जवाब, कोर्ट का आदेश छात्रों की जीत : सीजेपी

नई दिल्ली, 3 अगस्त . नीट प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के मामले में Supreme Court में हुई सुनवाई के बाद सीजेपी के पदाधिकारियों ने अपनी प्रतिक्रिया दी. सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास और प्रवक्ता रत्ना सिंह ने सरकार की जवाबदेही और छात्रों को कानूनी मदद देने पर जोर दिया.

Supreme Court के आदेश पर सीजेपी के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा, “बिल्कुल. सरकार को जवाबदेह ठहराने की किसी भी कोशिश का सीजेपी समर्थन करता है. सरकार को साफ-साफ बताना चाहिए कि पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश किसने दिया और 20 जुलाई व उसके बाद हुई बर्बरता के लिए किसने मंजूरी दी. यह सब सिर्फ Supreme Court के सामने ही नहीं बल्कि सरकार के हलफनामे के जरिए जनता के सामने भी रखा जाना चाहिए.”

उन्होंने Supreme Court के ताजा आदेश को छात्रों की जीत बताया. सौरव दास ने कहा, “Supreme Court ने एक आदेश दिया जिससे ऐसा लगा कि यह हमारे 25 जुलाई के समझौते के खिलाफ है. आदेश में कहा गया था कि अगर कोई राज्य एफआईआर की जांच करना चाहता है तो वह अपनी जांच जारी रख सकता है. इसलिए आज युवाओं के लिए एक और बड़ी जीत हासिल हुई है. Supreme Court ने साफ किया कि आदेश का मतलब है कि जो राज्य एफआईआर वापस लेना चाहते हैं, उन्हें ऐसा करने की आजादी होगी और Supreme Court का आदेश इसमें कोई दखल नहीं देगा. इसके अलावा, कोर्ट ने साफ किया कि ‘क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स’ शब्द का मतलब हत्या, रेप और दूसरे गंभीर अपराध जैसे मामले होंगे. इन्हीं मामलों को ‘क्रिमिनल एंटीसिडेंट्स’ के दायरे में माना जाएगा.”

सीजेपी की प्रवक्ता रत्ना सिंह ने प्रदर्शनकारी छात्रों खासकर नाबालिग छात्रा रुचिका के मामले में चिंता जताई. उन्होंने कहा, “हमने कल छात्रों से बात की. हमने उनकी चिंताएं सुनीं, उन्हें हो रही दिक्कतों को समझा और उन्हें पूरा समर्थन देने का भरोसा दिलाया. उन्हें हर तरह की मदद मिलेगी. जहां तक रुचिका की बात है, वह नाबालिग है. उसके साथ-साथ और भी लड़कियां हैं, जिन्हें जैसा कि हमने सोशल मीडिया पर देखा, कथित तौर पर परेशान किया गया और डॉक्स किया गया.”

रत्ना सिंह ने बताया कि वह रुचिका के परिवार से लगातार संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, “रुचिका के मामले में मैं उसकी मां के संपर्क में रही हूं और हमने यह पक्का किया है कि उसे सभी जरूरी कानूनी मदद और काउंसलिंग मिले. मैंने उससे बात भी की थी. परिवार को एक जगह से दूसरी जगह जाना पड़ रहा है क्योंकि उनके घर के बाहर मीडिया के बहुत सारे लोग जमा हो गए थे और कुछ दक्षिणपंथी गुंडे उससे वीडियो रिकॉर्ड करने के लिए कहकर परेशान कर रहे थे. कल जो वीडियो वायरल हुआ, वह उसकी मां ने दबाव में जारी किया था. चूंकि रुचिका नाबालिग है, इसलिए मैंने परिवार को सलाह दी कि वे सार्वजनिक रूप से शेयर किए जाने वाले किसी भी वीडियो को लेकर बहुत सावधान रहें.”

एससीएच/पीएम