पीएम मोदी को धन्यवाद पत्र लिखने वाले मदुरै के दुकानदार को मिला प्रधानमंत्री कार्यालय से जवाब, बोले- ‘यह मेरे जीवन का सबसे बड़ा सम्मान’

मदुरै/नई दिल्ली, 3 अगस्त . तमिलनाडु के मदुरै के एक छोटे कारोबारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से व्यक्तिगत पत्र प्राप्त हुआ है. प्रधानमंत्री कार्यालय से आए इस जवाब ने उन्हें भावुक कर दिया. केंद्र सरकार की योजना के तहत मिले लोन की मदद से अपना छोटा कारोबार चलाने वाले नेशनलम मणि ने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देते हुए एक पत्र लिखा था, जिसके जवाब में उन्हें सीधे प्रधानमंत्री कार्यालय से पत्र प्राप्त हुआ.

न्यूज एजेंसी से बातचीत में नेशनलम मणि ने बताया, “मेरे पिता ने वर्ष 1962 में इस छोटी दुकान की शुरुआत की थी. समय के साथ हमारा परिवार बढ़ा और दुकान का भी धीरे-धीरे विस्तार होता गया.”

उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शून्य शेष राशि वाले बैंक खाते खोलने की योजना शुरू की, तब वह भी बैंक खाता खुलवाने गए थे. उसी दौरान उन्हें रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों के लिए उपलब्ध लोन योजना की जानकारी मिली.

मणि ने बताया, “सबसे पहले मैंने 10 हजार रुपए का लोन लिया और समय पर चुका दिया. इसके बाद 20 हजार रुपए का लोन लिया और उसका भी भुगतान कर दिया. फिर 50 हजार रुपए का लोन लिया, जिसे भी पूरी तरह चुका दिया. इसके बाद मैंने फिर से लोन की मांग की. अधिकारियों ने एक महीने इंतजार करने को कहा. एक महीने के भीतर ही फोन आया और केनरा बैंक के माध्यम से मुझे 50 हजार रुपए का चौथा लोन स्वीकृत कर दिया गया, जिसकी किस्तें मैं वर्तमान में चुका रहा हूं.”

उन्होंने कहा कि यह योजना उनके जीवन के लिए किसी सहारे से कम नहीं रही. “कम ब्याज पर जरूरत के समय लोन मिलने से मैं अपना कारोबार सुचारु रूप से चला पाया और अपने परिवार का पालन-पोषण बिना किसी बड़ी कठिनाई के कर सका.”

मणि ने आगे बताया कि एक दिन उन्होंने अखबार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक साक्षात्कार पढ़ा, जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार ने देश भर के रेहड़ी-पटरी कारोबारियों को लाखों करोड़ रुपए के लाभ पहुंचाए हैं. यह पढ़ने के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को धन्यवाद देने का निर्णय लिया.

उन्होंने कहा, “मेरी दुकान पर आने वाले एक ग्राहक ने अंग्रेजी में एक छोटा-सा धन्यवाद पत्र तैयार करने में मेरी मदद की. मैंने उसे टाइप करके दिल्ली भेज दिया.”

मणि ने आगे बताया कि “दिल्ली में अधिकारियों ने मेरा पत्र पढ़ा और मुझसे सीधे फोन पर बात भी की. इसके लगभग 10 से 15 दिन बाद मुझे प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से जवाबी पत्र मिला.”

उन्होंने कहा कि “देश के प्रधानमंत्री कार्यालय से प्रशंसा और जवाबी पत्र मिलना मेरे लिए बहुत बड़ा सम्मान है. मैं इसे जीवनभर नहीं भूलूंगा. यह पत्र मेरे लिए किसी अनमोल धरोहर से कम नहीं है.”

मणि ने बताया कि जब उनके पास कूरियर पहुंचा तो आसपास के लोगों ने कहा कि शायद इसमें कोई आर्थिक सहायता होगी, लेकिन उनके लिए प्रधानमंत्री का पत्र ही सबसे बड़ा उपहार साबित हुआ.

उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले से ही कई योजनाओं के माध्यम से मेरी मदद कर रहे हैं. उन्होंने केवल मेरे लिए ही नहीं, बल्कि मेरे जैसे देश भर के लाखों रेहड़ी-पटरी कारोबारियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का काम किया है.”

उन्होंने सभी छोटे कारोबारियों और रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं से अपील करते हुए कहा कि यदि सभी लोग इस योजना के नियमों का सही ढंग से पालन करेंगे और सहयोग करेंगे, तो यह योजना आगे और मजबूत होगी तथा अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिलेगा.

डीबीपी