
अमरावती, 4 अगस्त . आंध्र प्रदेश पुलिस ने वायएसआर कांग्रेस पार्टी (वायएसआरसीपी) के नेता और पूर्व विधायक शेख मोहम्मद मुस्तफा को एक अपहरण केस में गिरफ्तार किया गया है. पूर्व विधायक को सोमवार देर रात को पूर्वी गंटूर से गिरफ्तार किया गया. वायएसआरसीपी ने पुलिस की इस कार्रवाई की निंदा की. पार्टी ने इसे टीडीपी के गठबंधन सरकार का ‘राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया.
मुस्तफ़ा और उनके बेटे बशीर के खिलाफ अपहरण के मामले में केस भी दर्ज किया जा चुका है. यह केस तंबाकू व्यापारी के बेटे और दो अन्य लोगों के साथ हुए विवाद के बाद दर्ज किया गया.
इन लोगों के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया गया था. यही नहीं, इनके खिलाफ अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) की धाराओं के तहत भी मामला दर्ज किया गया था.
मुस्तूफा का खुद का गोदाम गंटूर में स्थित था. वो व्यापारी के. सूर्यचंद्रम पूर्व विधायक को तंबाकू बेचता था. के. सूर्यचंद्रमम एलुरु जिले से हैं. पिछले कुछ दिनों से व्यापारी ने कीमतों में गिरावट आने की वजह से तंबाकू बेचना बंद कर दिया था.
शनिवार रात को जब सूर्यचंद्रम का बेटा अभि, ड्राइवर बलराजू और जी. दुर्गा राव गंटूर अपना तंबाकू दूसरी कंपनी को बेचने जा रहे थे, तभी उन्हें मुस्तफ़ा के बेटे बशीर और उनके साथियों द्वारा नुज़विद में रोक लिया गया. उनसे पिछली राशि की मांग की जा रही थी. उन्होंने इन तीनों का अपहरण कर लिया और उनकी गाड़ी में रखे तंबाकू भी जब्त कर लिए.
सूर्यचंद्रम ने दावा किया कि जब उनके बेटे ने उन्हें इस बारे में जानकारी दी थी, तब वो अपने बेटे मुस्तुफा से फोन पर बात कर चुके थे. इतना ही नहीं, पूर्व विधायक ने कथित तौर पर धमकी देते हुए कहा था कि अगर वो गंटूर स्थित गोदाम में पैसे लेकर आए. अगर वो आए, तो वो अपने बेटे को नहीं देख पाएंगे.
व्यापारी ने इस बारे में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई. इसके बाद उनके बेटे बेटे और दो अन्य साथियों को अपहरण करने वालों की ओर से रिहा कर दिया गया. वहीं, मुस्तुफा और बेटा फरार हो गया ,जबकि उनके साथियों ने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया.
वीएसआरसीपी ने मुस्तुफा और उसके बेटे के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की निंदा की. साथ ही, इसे सरकार की ओर से प्रतिशोध से प्रेरित कार्रवाई भी बताया.
वायएसआरसीपी प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री वाय एस जगन मोहन रेड्डी ने आरोप लगाया कि मुस्तफा और उसके बेटे को अपहरण केस में फंसाने की कोशिश की जा रही है, जबकि इस मामले में शामिल व्यक्ति को पुलिस को सौंप दिया गया.
वाईएसआरसीपी गुंटूर जिला अध्यक्ष और पूर्व मंत्री अंबाती रामबाबू ने आरोप लगाया कि एक मनगढ़ंत आपराधिक केस के माध्यम से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से प्रेरित होकर काम किया जा रहा है.
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में वाली गठबंधन सरकार पुलिस मशिनरी का इस्तेमाल वायएसआरसीपी के नेताओं को निशाना बनाने के लिए कर रही है, क्योंकि यह लोग हमारा सामना लोकतांत्रिक तरीके से करने में विफल हुए हैं.
उन्होंने कहा कि यह पूरा विवाद 36 लाख रुपये के अग्रिम भुगतान को लेकर शुरू हुआ था. इसके बाद यह पूरा विवाद आपराधिक रूप धारण कर गया. इस पूरे मामले में अपहरण, हत्या का प्रयास और एससी/एसटी जैसे आरोप भी लगे. इन्हीं सब गंभीर आरोपों को देखते हुए मुस्तुफा और उसके बेटे बशीर को जमानत देने से इनकार कर दिया गया.
अंबाती ने कहा कि पुलिस देर रात उस जगह पर सर्च अभियान चला कर के कानून नियमों का उल्लंघन किया, जहां बड़ी संख्या में मुस्लिम महिलाएं रहती हैं. उनके मुताबिक, अधिकारी सात अपार्टमेंट में सादे कपड़े पहने हुए रात 9:00 से 10:00 बजे के बीच दाखिल हुए. आरोप है कि कार्रवाई के दौरान परिवार के लोगों को प्रताड़ित किया गया और इस पूरी कार्रवाई के संबंध में कोई सबूत नहीं रहे, इसके लिए सीसीटीवी फुटेज को भी हटा दिया गया.
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एसएचके/पीएम