मदरसे से निकलने वाला बनता है पत्थरबाज या आतंकवादी : जगद्गुरु परमहंस आचार्य

अयोध्या, 4 अगस्त . उत्तर प्रदेश के डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए बयान का तपस्वी छावनी के पीठाधीश्वर जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने स्वागत किया है. उन्होंने कहा कि देशभर में सभी मदरसों को बंद कर देना चाहिए.

परमहंस आचार्य ने से बातचीत के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार के मदरसों में कामिल (ग्रेजुएशन) और फाजिल (पोस्ट ग्रेजुएशन) की डिग्री पर रोक लगाने के प्रस्ताव को लेकर कहा, “यह बहुत पहले हो जाना चाहिए था. अगर किसी जगह देश विरोधी मानसिकता के लिए ब्रेनवॉश किया जाता है, अगर कहीं से पढ़कर निकलने वाला व्यक्ति बड़ा होकर या तो पत्थरबाज बन जाता है, या आतंकवादी, या फिर देश विरोधी नारे लगाता है, तो उनके लिए मानवता और राष्ट्रवाद दुश्मन बन जाता है.”

उन्होंने आरोप लगाया कि कई ऐसे धार्मिक संस्थानों में देश प्रेम और राष्ट्रवाद को दुश्मन की तरह देखा जाता है. इसलिए जितनी जल्दी हो सके ऐसी जगहों पर प्रतिबंध लगा देना चाहिए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मदरसों की कामिल और फाजिल डिग्री पर रोक लगाने के फैसले का हम स्वागत करते हैं. लेकिन भारत में एक भी मदरसा चल रहा है तो वह राष्ट्र विरोधी गतिविधि को जन्म दे रहा है.

परमहंस आचार्य ने कहा, “उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव मौर्या ने प्रसिद्ध लेखिका तसलीमा नसरीन के लेखन का हवाला देते हुए जो कहा है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश के मदरसे भी अमानवीय, राष्ट्र विरोधी और आतंकी तैयार करने की फैक्ट्री बने हुए हैं. वहीं से आतंकवाद की ट्रेनिंग दी जाती है. हम भी उस बात से सहमत हैं. इसलिए इन्हें बंद होने चाहिए.”

बता दें कि मंगलवार को मीडिया से बातचीत में डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा, “यह सच है कि मदरसा शिक्षा से कई बड़े आतंकवादी निकले हैं, चाहे उन्होंने भारत में हमले किए हों या दुनिया में कहीं और. यह सब ऐसी शिक्षा का ही नतीजा है.”

उन्होंने आगे कहा, “मैंने पहले भी कहा है और आज फिर दोहराता हूं कि जो कोई भी मदरसा शिक्षा लेता है, वह ‘भारत माता की जय’ नहीं कहता, ‘वंदे मातरम’ नहीं गाता और उसकी सोच आतंकवादी जैसी हो जाती है.”

पीआईएम/एएस