
पटना, 4 अगस्त . बिहार की राजधानी पटना में मंगलवार को भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं, रोजगार और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग सहित विभिन्न मांगों को लेकर निकाला गया छात्र मार्च उस समय उग्र हो गया, जब प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने के दौरान पुलिस की बैरिकेडिंग तोड़ने का प्रयास किया. हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने पानी की बौछार का इस्तेमाल किया और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया.
पूरे घटनाक्रम के दौरान राजधानी के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही. पटना विश्वविद्यालय से जुड़े एनएसयूआई समेत कई छात्र संगठनों के संयुक्त आह्वान पर हजारों छात्र जेपी गोलंबर से मुख्यमंत्री आवास मार्च के लिए निकले. प्रदर्शनकारी हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े. पुलिस ने पहले से ही जेपी गोलंबर, आयकर गोलंबर और डाकबंगला चौराहे सहित कई स्थानों पर बैरिकेडिंग कर रखी थी. जैसे ही छात्रों ने बैरिकेडिंग पार कर आगे बढ़ने की कोशिश की, पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया.
इस दौरान दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई. स्थिति तनावपूर्ण होने पर अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया. बाद में प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए पानी की तेज बौछार की गई. इसके बाद कई छात्र सड़क पर बैठ गए और वहीं विरोध प्रदर्शन जारी रखा. पुलिस ने उन्हें समझाकर सड़क किनारे हटाया और आगे बढ़ने से रोक दिया. प्रदर्शन के कारण जेपी गोलंबर से डाकबंगला चौराहे तक यातायात भी कुछ समय के लिए प्रभावित रहा.
गांधी मैदान थाना क्षेत्र समेत मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले सभी प्रमुख मार्गों पर बड़ी संख्या में पुलिस बल, महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी. मौके पर वाटर कैनन और अन्य सुरक्षा संसाधनों को भी तैयार रखा गया था. प्रदर्शनकारी छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं पर रोक लगाने, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, आंदोलन के दौरान छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने, शिक्षा व्यवस्था में सुधार तथा युवाओं के लिए रोजगार के पर्याप्त अवसर उपलब्ध कराने की मांग की. साथ ही सीवान में हालिया छात्र आंदोलन के दौरान घायल छात्र को मुआवजा, गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की भी मांग उठाई. प्रदर्शन को राजनीतिक समर्थन भी मिला.
बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे और छात्रों की मांगों का समर्थन किया. वहीं सांसद पप्पू यादव ने भी छात्र आंदोलन का समर्थन करते हुए पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर केंद्र सरकार को निशाने पर लिया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन कानून-व्यवस्था भंग करने या बैरिकेडिंग तोड़ने की अनुमति नहीं दी जा सकती.
अधिकारियों के अनुसार स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. प्रशासन ने बताया कि कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है. छात्र संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
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एमएनपी/डीएससी