
रांची, 4 अगस्त . झारखंड लोक सेवा आयोग और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की भर्ती परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मंगलवार को पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी.उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस पूरे मामले को पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ देख रही है तथा संवैधानिक और कानूनी दायरे में छात्रों को न्याय अवश्य मिलेगा.
रामगढ़ जिले के नेमरा में दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में सीएम हेमंत सोरेन ने कहा, “यह न्याय करने वाली संवेदनशील सरकार है. जिस समस्या के पीछे हम पड़ते हैं, उसे ठीक करके ही दम लेते हैं. संवैधानिक दायरे के तहत मेरे युवा साथियों को न्याय मिलकर रहेगा.”
उन्होंने कहा, “मैं सीना चीरकर यह नहीं दिखा सकता कि हम कितने गंभीर हैं, लेकिन सरकार इस मामले को बहुत गंभीरता से देख रही है. इस सरकार के आंख-कान भी हैं और संवेदनशीलता भी है. छात्रों के हित में जो भी उचित होगा, राज्य सरकार वही निर्णय लेगी.” मुख्यमंत्री ने कहा कि मामले की जांच जारी है और सरकार जांच एजेंसियों की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है.
उन्होंने कहा, “जांच एजेंसियों के निष्कर्ष और अनुसंधान का इंतजार है. बहुत जल्द राज्य के लोगों को इस विषय पर पूरी जानकारी दी जाएगी. जो भी संवैधानिक और कानूनी प्रावधान होंगे, उनके अनुरूप छात्रों को पूरा सहयोग मिलेगा.”
बता दें कि राजधानी रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में जेपीएससी और जेएसएससी की भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ी, भ्रष्टाचार और पेपर लीक के विरोध में छात्रों का आंदोलन जारी है. आंदोलनकारी परीक्षाओं की सीबीआई जांच, विवादित परीक्षाओं को रद्द करने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने सहित कई मांगों को लेकर छात्र 11 दिनों से धरने पर बैठे हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखे हुए है. सभी स्तरों पर प्रशासनिक गतिविधियां जारी हैं और जांच एजेंसियां पूरी सक्रियता के साथ काम कर रही हैं. जांच के निष्कर्ष और सभी तथ्य सामने आने के बाद सरकार अपना निर्णय सार्वजनिक करेगी.
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एसएनसी/डीकेपी