
नई दिल्ली, 4 अगस्त . मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर टिप्पणी की. इस जीत को भाजपा की नीतियों के खिलाफ जनता का जनादेश बताते हुए कहा कि प्रदेश में पिछले 22 वर्षों से सत्ता में रही भाजपा जनता से किए अधिकांश वादों को पूरा करने में विफल रही है. उन्होंने किसानों, युवाओं, दलितों, आदिवासियों और पिछड़े वर्गों से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला. साथ ही संसद में उठे राम मंदिर दान विवाद पर निष्पक्ष जांच की मांग भी की.
उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा पहले दिन से ही हर मोर्चे पर असफल रही है. 22 साल के शासन के दौरान भाजपा ने किसानों को समय पर खाद उपलब्ध नहीं कराई, पर्याप्त बिजली नहीं दी और युवाओं को रोजगार देने में भी नाकाम रही. सरकार ने बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने के बजाय युवाओं को आकांक्षी युवा कहकर वास्तविक मुद्दे से ध्यान हटाने का प्रयास किया. दलितों और आदिवासियों की जमीनों से जुड़े विवाद, उन पर होने वाले अत्याचार और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को 27 प्रतिशत आरक्षण जैसे मुद्दों पर भी सरकार केवल वादे करती रही, लेकिन उन्हें लागू नहीं कर सकी. यही स्थानीय और जनसरोकार के मुद्दे दतिया उपचुनाव में भी प्रमुख रहे और जनता ने भाजपा को इन्हीं कारणों से नकार दिया.
संसद में राम मंदिर से जुड़े मुद्दे पर हुई चर्चा का उल्लेख करते हुए सिंघार ने कहा कि जिन लोगों ने स्वयं को धर्म का रक्षक बताया, वही अब सवालों के घेरे में हैं. राम मंदिर के नाम पर देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं ने अपनी आस्था के साथ दान दिया है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि उस धन का उपयोग किस प्रकार हुआ. सरकार इस मामले में निष्पक्ष जांच कराए और यह स्पष्ट करे कि मंदिर के नाम पर प्राप्त करोड़ों रुपए कहां गए, उनका उपयोग किसने किया और क्या धन का सही तरीके से इस्तेमाल हुआ. यह केवल राजनीतिक नहीं बल्कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़ा विषय है, इसलिए सरकार को जांच पूरी कर सच्चाई जनता के सामने रखनी चाहिए.
दतिया उपचुनाव में कांग्रेस की जीत को लेकर पूछे गए सवाल पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि किसी भी सरकार के लिए उपचुनाव जनता की राय जानने की एक महत्वपूर्ण परीक्षा होते हैं. भाजपा इस परीक्षा में लगातार असफल रही है. शिवपुरी और दतिया दोनों उपचुनावों के परिणाम भाजपा के लिए खतरे की घंटी हैं. वहीं, कांग्रेस इस जीत से उत्साहित होने के साथ-साथ आत्ममंथन भी करेगी और अपनी ताकत तथा कमजोरियों का आकलन कर आगामी चुनावों की रणनीति तैयार करेगी.
यह पूछे जाने पर कि क्या अन्य राजनीतिक समीकरणों के कारण कांग्रेस को जीत मिली, उमंग सिंघार ने कहा कि चुनाव पूरी तरह स्थानीय मुद्दों पर लड़ा गया. उन्होंने दावा किया कि क्षेत्र में लंबे समय से भय और आतंक का माहौल था, जिसका असर आम जनता और व्यापारी वर्ग पर भी पड़ रहा था. भाजपा ने भी इस माहौल को देखते हुए अपने पूर्व नेता का टिकट काटा, जिससे उसे राजनीतिक नुकसान हुआ. दूसरी ओर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर चुनाव लड़ा और जनता तक स्थानीय मुद्दों को मजबूती से पहुंचाया.
सिंघार ने यह दावा किया कि दतिया की जनता ने भय और दबाव की राजनीति को नकारते हुए कांग्रेस का समर्थन किया है. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने दतिया को आतंक मुक्त बनाने का संदेश दिया है और जनता ने उसी सोच के साथ मतदान कर बदलाव का रास्ता चुना.
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पीएसके