पंजाब विधानसभा में ई20 फ्यूल पर प्रस्ताव पास, ‘आप’ ने केंद्र की नीति का किया विरोध

चंडीगढ़, 4 अगस्त . पंजाब विधानसभा में सोमवार को ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड पेट्रोल और कांग्रेस की अंदरूनी कलह को लेकर आम आदमी पार्टी के मंत्रियों ने केंद्र और विपक्ष पर तीखा हमला बोला. वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने हाईकोर्ट के आदेश पर डीए के बकाया भुगतान पर सरकार का पक्ष भी रखा.

पंजाब सरकार ने ई20 फ्यूल को लेकर केंद्र की नीति के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पारित किया. कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने से बात करते हुए कहा, “आज हमने एक बहुत जरूरी मुद्दे पर चर्चा की. पूरे देश में ई20 फ्यूल को लेकर बहस चल रही है और हमारी आम आदमी पार्टी के प्रमुख, अरविंद केजरीवाल ने यह मुद्दा उठाया है. पेट्रोल में ई20 इथेनॉल-ब्लेंडेड फ्यूल मिलाया जा रहा है और इसकी वजह से आम लोगों के दो-पहिया और चार-पहिया वाहन खराब हो रहे हैं. जनता के हितों का ध्यान रखना और इस मुद्दे का समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है.”

मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि विधानसभा में हुई बहस के बाद पास हुआ प्रस्ताव ऐतिहासिक है. उन्होंने कहा, “मेरा मानना ​​है कि भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब विधानसभा ने आज जो किया है, वह अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया द्वारा शुरू किए गए अभियान को आगे बढ़ाता है. उन्होंने पहले दिल्ली में ई20 के मुद्दे पर मार्च निकाला था. आज पास हुआ प्रस्ताव केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ है और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का विरोध करता है.”

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कांग्रेस की अंदरूनी लड़ाई पर तंज कसते हुए कहा कि पार्टी कई बीमारियों से जूझ रही है. उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी कई तरह की बीमारियों से जूझ रही है. अलग-अलग लोग अलग-अलग समस्याओं से परेशान हैं और पार्टी में कोई भी ऐसा नहीं है जो उन्हें ठीक कर सके. देश में कांग्रेस पार्टी एक डूबते हुए जहाज की तरह है और पंजाब में तो यह पूरी तरह डूब चुकी है.”

चीमा ने दावा किया कि पंजाब में कांग्रेस के कई नेता ‘आप’ के संपर्क में हैं. उन्होंने कहा, “आज भी पंजाब में पार्टी के कई नेता आम आदमी पार्टी के संपर्क में हैं और हमसे मिलकर हमारी पार्टी में शामिल होने की इच्छा जता रहे हैं, हालांकि कोई भी फैसला लेने से पहले हम उनके बैकग्राउंड की जांच-पड़ताल कर रहे हैं.”

मंत्री मोहिंदर भगत ने भी कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी नेताओं की एक ही महत्वाकांक्षा मुख्यमंत्री बनना है. उन्होंने कहा, “यह कांग्रेस पार्टी का अंदरूनी मामला है और मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता. हालांकि, ऐसा लगता है कि उनके सभी नेताओं की बस एक ही महत्वाकांक्षा, मुख्यमंत्री बनना है. किसी को इस बात की चिंता नहीं है कि पार्टी को बहुमत मिलेगा या नहीं. वे बस मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, चाहे उनके पास जरूरी संख्या बल हो या न हो.”

हाईकोर्ट के फैसले के बाद डीए के बकाया भुगतान को लेकर हरपाल सिंह चीमा ने सरकार की योजना का बचाव किया. उन्होंने कहा कि पे कमीशन की रिपोर्ट 2016 में आई थी, लेकिन कांग्रेस सरकार ने इसे लागू करने में 5 साल लगा दिए.

चीमा ने बताया, “पे कमीशन बनाया गया था और उसकी रिपोर्ट 2016 में आई थी. कांग्रेस पार्टी को उस रिपोर्ट को लागू करने में पांच साल लग गए. जब चुनाव का समय आया, तो उन्होंने 2022 में पे कमीशन की रिपोर्ट लागू की. यह रिपोर्ट पंजाब में अकाली दल-भाजपा सरकार के समय तैयार की गई थी. इसलिए 2016 से 2022 तक की अवधि के लिए बकाया राशि 14,191 करोड़ रुपए बनी.”

उन्होंने कहा कि इस मामले में हाईकोर्ट में केस गया. सरकार ने भुगतान योजना बनाकर कोर्ट में पेश की जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया. इसके अनुसार, पिछले तीन वर्षों से हम लगातार अपने कर्मचारियों को बकाया राशि का भुगतान कर रहे हैं. यह तीसरा साल है और हमने कर्मचारियों को लगभग 6,000 करोड़ रुपए का भुगतान किया है.”

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि दावे करना सभी पार्टियों का अधिकार है, लेकिन फैसला जनता करती है. उन्होंने कहा, “आज भी पंजाब की जनता आम आदमी पार्टी के साथ है, क्योंकि पिछले चार से साढ़े चार साल में कई जन-कल्याणकारी काम किए गए हैं. चाहे पानी, बिजली, नौकरी, अस्पताल या 10 लाख रुपए का हेल्थ इंश्योरेंस कार्ड हो, लोगों को कई तरह की सुविधाएं दी गई हैं.”

खुड्डियां ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के क्षेत्र में काम कर पंजाब में बदलाव लाने की कोशिश की है, जिसका फायदा सीधे आम लोगों को मिल रहा है.

एससीएच/वीसी