सीबीआई कोर्ट का फैसला, रिश्वत लेने के मामले में पूर्व रेलवे इंजीनियर को चार वर्ष की सजा

लखनऊ, 4 अगस्त . केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) कोर्ट ने रिश्वत लेने के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए रेलवे के पूर्व इंजीनियर को चार वर्ष की कठोर कैद की सजा सुनाई है.

इसी को लेकर सीबीआई ने मंगलवार को कहा कि लखनऊ की सीबीआई कोर्ट ने मंगलवार को रिश्वत लेने के एक मामले में आरोपी गिरिजेश कुमार गौड़ को दोषी ठहराते हुए उसे चार वर्ष की कठोर कैद और 20,000 रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है.

सीबीआई ने बताया कि गौड़ उस समय उत्तर मध्य रेलवे, बांदा (यूपी) में असिस्टेंट डिविजनल सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर (एडीएसटीई) के पद पर तैनात थे, जह उन्हें अवैध रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था.

सीबीआई ने 27 मई 2016 को यह मामला दर्ज किया था. यह मामला एक शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था, जिसमें आरोप लगाया गया था कि आरोपी एडीएसटीई (एनसीआर, बांदा, यूपी) ने शिकायतकर्ता के 80,000 रुपए के बिल पास और मंजूर करने के लिए 20,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी.

ये बिल एडीएसटीई, एनसीआर, बांदा के कार्यालय के साथ अनुबंध के तहत लगाए गए वाहन के लिए थे. रिश्वत की यह रकम बिल मंजूर होने से पहले 10,000 रुपए और मंजूर होने के बाद 10,000 रुपए के तौर पर मांगी गई थी.

इस रिश्वत की जानकारी मिलने के बाद सीबीआई ने 27 मई 2016 को एक जाल बिछाया और आरोपी गिरिजेश कुमार गौड़ को उनके घर पर 9,700 रुपए की अवैध रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा. उन्होंने 10,000 रुपए की कथित मांग के बदले यह रकम ली थी.

वहीं, मामले की जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 24 जून 2016 को आरोपी गिरिजेश कुमार गौड़ के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की. ट्रायल के बाद अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया और कठोर चार वर्ष की सजा सुनाई.

डीके/डीकेपी