जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटने से गोरखा समाज को मिले नौकरी और उच्च शिक्षा के अवसर

जम्मू , 5 अगस्त . जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने के सात साल पूरे होने पर गोरखा समुदाय ने जश्न मनाया और एक-दूसरे को केक खिलाकर बधाई दी. इसके साथ ही आर्टिकल 370 हटने के बाद हुए बदलावों पर बात की और अधिकारों के लिए केंद्र सरकार का आभार जताया.

गोरखा समुदाय के लोगों ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने यह पक्का किया कि अनुच्छेद 370 और 35ए हटने के बाद उन्हें वे अधिकार मिलें जिनसे वे लंबे समय से वंचित थे. उन्होंने बताया कि पहले उन्हें वोट देने का अधिकार नहीं था, उनके बच्चे डोमिसाइल सर्टिफिकेट नहीं बनवा पाते थे और उन्हें सरकारी नौकरी पाने में भी मुश्किल होती थी. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने उन्हें आठ फीसदी आरक्षण दिया है.

समुदाय के लोगों ने कहा कि भले ही कुछ राजनीतिक पार्टियां 5 अगस्त को “काला दिवस” ​​के तौर पर मना रही हैं, लेकिन उनका मानना ​​है कि ये पार्टियां उनके जैसे समुदायों को भेदभाव के अंधेरे में वापस धकेलना चाहती हैं. उन्होंने जोर देकर कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा और कहा कि जब तक नरेंद्र मोदी पीएम पद पर हैं, वे उनका समर्थन करते रहेंगे और उन्हें भरोसा है कि वे ऐसी स्थिति को दोबारा नहीं आने देंगे. उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि वे यह पक्का करें कि ऐसी ताकतें जम्मू-कश्मीर में कभी वापस न आ पाएं. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार भी जताया और कहा कि इस दिन लिए गए फैसलों ने उन्हें आजादी और बराबरी के अधिकार दिए हैं.

गोरखा समुदाय की करुणा क्षेत्री ने से कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के सत्ता में आने के बाद सबका साथ-सबका विकास के तहत काम किए जा रहे हैं. इसी पहल के तहत जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर हमें मुख्य धारा में लाया. विभिन्न राजनीतिक दलों ने गोरखा समुदाय के लिए पिछले 70 सालों में कुछ नहीं किया. प्रधानमंत्री मोदी ने सबसे पहले 370 हटाया और हमारे समुदाय को स्थानीय निवासी बनाया और ओबीसी में 8 फीसदी आरक्षण दिया. डोमिसाइल मिलने के कारण हमें लोन मिल रहे हैं, जिससे युवा स्वरोजगार कर पा रहे हैं.”

गोरखा समुदाय के एक व्यक्ति ने कहा, “5 अगस्त 2019 हमेशा याद रहेगा. इस दिन हमें दोहरी खुशी मिली थी. 5 अगस्त को 2019 को धारा 370 हटने से हमें अधिकार मिला. वहीं, 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ.”

एक अन्य युवा मनीष अधिकारी ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी ने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाकर डॉक्टर श्यामा प्रसाद मुखर्जी का सपना पूरा किया है. धारा 370 हटने से गोरखा समाज को एक नई पहचान मिली है. इससे पहले करीब 70 सालों से हमें कोई पहचान नहीं मिली थी. जब हम नौकरी या उच्च शिक्षा के लिए आवेदन करते थे, तो हमारे समाज को नजरअंदाज किया जाता था. हमें बाहरी कहा जाता था जबकि हमारे पूर्वज 200 सालों से यहां रह रहे हैं लेकिन धारा 370 हटने के बाद हमारे समाज को अधिकार और पहचान मिली.”

मोनिका ने कहा, “धारा 370 हटने से काफी बदलाव हुआ है. अब हमारे बच्चों का भविष्य सुरक्षित और अच्छा होगा क्योंकि हमें पहचान मिल गई है. अब हमारे बच्चों को उच्च शिक्षा और नौकरी के अवसर मिलेंगे.”

ओपी/पीएम