‘मुझे उन युवाओं पर गर्व है’, प्रदर्शनकारियों से मिलकर बोले राहुल गांधी

नई दिल्ली, 5 अगस्त . कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने बुधवार को मीडिया से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने बताया कि मैंने प्रोटेस्ट करने वाले युवाओं से मुलाकात की, जो अलग-अलग राज्यों से हैं. मैं उन युवाओं का धन्यवाद करना चाहता हूं, जिन्होंने एजुकेशन सिस्टम और संविधान की रक्षा के लिए लड़ाई लड़ी. इन्होंने किसी के साथ हिंसा नहीं की, लेकिन फिर भी इन्हें धमकाया जा रहा है, इनका उत्पीड़न हो रहा है. युवाओं का कहना है कि अन्याय चाहे किसी पर भी हो, हमें एक नागरिक के तौर पर उस व्यक्ति की रक्षा करनी चाहिए. मुझे उन सभी युवाओं पर गर्व है, जो अन्याय के खिलाफ खड़े हुए. युवाओं ने कुछ गलत नहीं किया है और उन्हें किसी से माफी मांगने की कोई जरूरत नहीं है.

राहुल गांधी ने कहा कि हमने कुछ युवा प्रदर्शनकारियों के साथ खुलकर बातचीत की. उन्होंने बताया कि कैसे उन पर हमला किया गया, उन्हें पीटा गया और धमकाया गया. मुझे उन पर और उनके जैसे हजारों युवा भारतीयों ने जो किया है, उस पर बहुत गर्व है. उन्होंने संविधान की रक्षा की है. उन्होंने भारत के विचार और भारत के भविष्य की रक्षा की है. एक दोषपूर्ण और विफल शिक्षा प्रणाली की शिकायत करना कोई अपराध नहीं है, बल्कि इस प्रणाली को बदलने और सुधारने की जरूरत है. हम एक बेहतर शिक्षा प्रणाली, परीक्षा के पेपर लीक होने का अंत और अपने देश के युवाओं के लिए एक सुरक्षित भविष्य चाहते हैं. उनके घरों पर गुंडे भेजकर उनकी माफी स्वीकार करना सरासर बकवास है.

उन्होंने कहा कि युवा लोग भारतीय प्रेस के सामने खड़े हैं. यह साहस का काम है. ये युवा उत्पीड़न, हिंसा और यातना का सामना कर रहे हैं. मुझे गर्व है कि उनमें अपने मन की बात और अपने अनुभवों को व्यक्त करने का साहस है. इस देश को इसी तरह की युवा पीढ़ी की आवश्यकता है.

कांग्रेस सांसद ने कहा कि छात्रों के खिलाफ हिंसा के लिए भारत के गृह मंत्री जिम्मेदार हैं. वह न तो संसद में आ रहे हैं और न ही इस घटना पर टिप्पणी कर रहे हैं. दो ​​संभावनाएं हैं, उन्हें हिंसा की जानकारी नहीं थी, जिसका अर्थ है कि वे अक्षम हैं. उन्होंने छात्रों के खिलाफ हिंसा का आदेश दिया, जो उन्हें दोषी बनाता है. दोनों ही मामलों में वे जिम्मेदार हैं.

इस बीच एक छात्रा रिया अहीर ने कहा कि मैं वही लड़की हूं जिसने मुंबई में पुलिस की वैन को रोका था, और अब मेरे बारे में कई नैरेटिव चलाए जा रहे हैं. मैंने 20 बच्चों को गैरकानूनी तरीके से हिरासत में लिए जाने से रोका था. अब मुझे परेशान किया जा रहा है, जो कि एक क्राइम है. मैंने 27 जुलाई को पुलिस में शिकायत की थी, लेकिन आज 5 अगस्त है और अब तक एफआईआर नहीं हुई है. हालांकि, मुझे खुशी है कि मैं जिन युवाओं के लिए खड़ी हुई, आज वे मेरे साथ खड़े हैं.

झारखंड की रहने वाली नूतन टोप्पो ने कहा कि मैंने खुद देखा था कि हमारी तरफ पैलेट गन लगाकर रखी गई थी. मेरे पीछे मुड़ते ही गन फायर कर दिया गया, जिससे मुझे चोट आई थी. इसके बावजूद मुझे जब भी अन्याय के खिलाफ लड़ने का मौका मिलेगा, मैं जरूर लड़ूंगी.

नागपुर के रहने वाले भारत बनाईत ने कहा कि हमने धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांगा तो हमारे साथ इतनी बर्बरता की गई, अगर अमित शाह का इस्तीफा मांग लिया होता, तो शायद गोली मार दी जाती.

उत्तर प्रदेश की रहने वाली छात्रा फराह नाज ने कहा कि हम 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे. उसी दौरान पुलिस ने हम पर लाठीचार्ज किया. उसके बाद पुलिस ने हमें हिरासत में रखा और हमें देशद्रोही कहा गया, लेकिन कोई कुछ भी सोचे, हम देश और अपने हक के लिए आवाज बुलंद करते रहेंगे.

एमएस/डीकेपी