
नागपुर, 5 अगस्त . शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने सिद्धिविनायक मंदिर चंदा विवाद की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि जो भी चंदा चोरी के पीछे हैं, उनके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए.
नागपुर में से बातचीत में शिवसेना के प्रवक्ता संजय निरुपम ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर हम सभी के लिए आस्था का एक बड़ा केंद्र है. मैं व्यक्तिगत रूप से हर मंगलवार या बुधवार को वहां जाने की कोशिश करता हूं. देशभर से भगवान गणेश के भक्त वहां आते हैं. अगर किसी ने मंदिर के चढ़ावे से चोरी की है, तो इससे बड़ा कोई पाप नहीं हो सकता. ऐसे पापियों को कानून तो सजा देगा. लेकिन, मेरी भगवान गणेश जी से प्रार्थना है कि ऐसे पापियों को कठोर दंड दें ताकि वे फिर ऐसी कोशिश करने से पहले 100 बार सोचे.
शिवसेना यूबीटी प्रमुख उद्धव ठाकरे का जिक्र करते हुए निरुपम ने कहा कि महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी चंदा चोरी का मुद्दा उठाया है. उन्होंने बताया है कि कैसे उद्धव ठाकरे के कार्यकाल में जब मनसे ने चोरी का मुद्दा उठाया था तो उद्धव ठाकरे ने पूरे प्रकरण से अपने लाडले को बचाने के लिए जांच कराने के आदेश नहीं दिए. इससे साफ है कि यूबीटी चंदा चोरी में कहीं न कहीं शामिल रही है.
उन्होंने कहा कि डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने मंदिर ट्रस्ट की जांच होने की बात की है. जांच होने से पूरी सच्चाई सभी के सामने आएगी.
संघ प्रमुख मोहन भागवत की जेनजी के साथ होने वाली बातचीत को लेकर निरुपम ने कहा कि पिछले 100 सालों से संघ मजबूत मूल्यों वाले व्यक्ति तैयार करने का काम कर रहा है. युवाओं में देशभक्ति की भावना जगाना और यह सुनिश्चित करना है कि हर व्यक्ति देश के लिए योगदान दे. जेनजी हमारे देश का भविष्य है. संघ प्रमुख जेनजी से संवाद कर रहे हैं, यह बहुत अच्छा कदम है.
कांग्रेस की ओर से डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार को लेकर दिए बयान पर निरुपम ने आपत्ति जताई. उन्होंने कहा कि सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र की एक लोकप्रिय नेता हैं. वह बहुत ही गरिमापूर्ण, सुसंस्कृत और मृदुभाषी महिला हैं. उनके खिलाफ कांग्रेस की ओर से इस्तेमाल की गई अपमानजनक भाषा बेहद निंदनीय है. कांग्रेस से अपेक्षा करता हूं कि अगर आप सभ्य पार्टी हैं तो डिप्टी सीएम से माफी मांगे.
झारखंड में पेपर लीक के खिलाफ हो रहे विरोध प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था का पतन और प्रतियोगी परीक्षाओं में व्याप्त कदाचार पूरे देश के जेनजी को अंदर से तोड़ रहा है. जेनजी इसलिए कि उन्हें ही पहली नौकरी चाहिए. सवाल किसी एक पार्टी या सरकार का नहीं है. पूरी व्यवस्था ने सामान्य घरों की प्रतिभाओं को चारों तरफ से जकड़ रखा है. ये छटपटा रहे हैं. हर राज्य में परीक्षा पत्रों की बोलियां लगी हुई है और नौकरियों के रेट तय हुए पड़े हैं. साधारण घरों के परीक्षार्थी अभिमन्यु की तरह चक्रव्यूह में फंसे हुए हैं. अगर हम समय रहते नहीं जागे तो ये बच्चे मजबूरी में किसी भी हद तक चले जाएंगे.
उन्होंने कहा कि पेपर लीक के खिलाफ झारखंड के गरीब आदिवासी छात्र राजधानी रांची में पिछले दो हफ्ते से सड़क पर हैं. हजारों की संख्या में छात्र आंदोलन कर रहे हैं. मगर, कांग्रेस का ढकोसला देखिए. कांग्रेस इस मुद्दे पर प्रयागराज में आंदोलन करने जा रही है. आंदोलन का नेतृत्व करने राहुल गांधी दिल्ली से आ रहे हैं. जबकि उन्हें रांची जाना चाहिए. कांग्रेस रांची के आंदोलनकारी छात्रों से क्यों मुंह छुपा रही है. क्योंकि वहां कांग्रेस सरकार में है. इससे साफ होता है कि मेरी सरकार में पेपर लीक पर मैं चुप रहूंगा.
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डीकेएम/एबीएम