पुणे जहरीली शराब कांड में बड़ा एक्शन, मास्टरमाइंड समेत पूरे गिरोह पर लगा मकोका

पुणे, 6 अगस्त . महाराष्ट्र पुणे में जहरीली शराब से 21 लोगों की जान लेने वाली घटना 27 से 30 मई 2026 के बीच हुई थी. इस हादसे ने कई परिवारों को हमेशा के लिए उजाड़ दिया था. अब इस मामले में राज्य अपराध अन्वेषण विभाग (सीआईडी) ने महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम, 1999 (मकोका) के तहत कार्रवाई की है.

जांच के अनुसार, मिथेनॉल मिश्रित जहरीली देसी हाथभट्टी शराब पीने से हडपसर के 4 तथा दापोडी-फुगेवाड़ी के 17 लोगों सहित कुल 21 लोगों की मौत हुई थी.

जांच के दौरान सामने आया कि मुख्य आरोपी दत्ता उर्फ भाऊ भिवराव लोंढे निवासी पांढरस्थल, उरुली कांचन (ता. हवेली, जिला पुणे) ने अपने नेतृत्व में आकाश दीपक जाधव, योगेश राजेंद्र व्हनकड़े, राधेश्याम हरिराम प्रजापति, कल्पेश अशोक अग्रवाल, आर्यन संजीव धोत्रे, अभिषेक अरुण चौबे, अरुण जगदंबा चौबे और अंकित अरुण चौबे के साथ मिलकर एक संगठित आपराधिक गिरोह बनाया. इस गिरोह ने अवैध रूप से देसी हाथभट्टी शराब का निर्माण, परिवहन और बिक्री कर आर्थिक लाभ कमाया.

सीआईडी के अनुसार, इस गिरोह की आपराधिक गतिविधियों के कारण पुणे जिले में आम नागरिकों के बीच भय, असुरक्षा और दहशत का माहौल पैदा हो गया था. गिरोह के सरगना और उसके सदस्यों के खिलाफ पहले भी कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं. प्रतिबंधात्मक कार्रवाई के बावजूद उनकी आपराधिक गतिविधियों में सुधार नहीं आया. इसी वजह से संगठित अपराध पर प्रभावी रोक लगाने और पूरे नेटवर्क को खत्म करने के लिए मकोका लगाने का प्रस्ताव भेजा गया.

पुलिस उपाधीक्षक शामराव काले ने सभी साक्ष्यों और अपराध रिकॉर्ड की जांच कर पुलिस अधीक्षक शफकत आमना के माध्यम से विशेष पुलिस महानिरीक्षक (अपराध पश्चिम) सुधीर हिरेमठ को रिपोर्ट भेजी थी. मामले की समीक्षा के बाद सुधीर हिरेमठ ने आरोपी दत्ता लोंढे और उसके साथियों के खिलाफ दर्ज अपराध में महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण अधिनियम (मकोका) लागू करने की मंजूरी दे दी है.

यह कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (सीआईडी) सुनील रामानंद, विशेष पुलिस महानिरीक्षक (अपराध पश्चिम) सुधीर हिरेमठ, पुलिस अधीक्षक शफकत आमना के मार्गदर्शन में जांच अधिकारी पुलिस उपाधीक्षक शामराव काले द्वारा की गई. 21 लोगों की मौत की इस त्रासदी के बाद मकोका के तहत हुई यह कार्रवाई पीड़ित परिवारों के लिए न्याय की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है.

ओपी/वीसी