
कोलकाता, 7 अगस्त . तृणमूल कांग्रेस के महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति मांगने के लिए Supreme Court का रुख किया है. इससे पहले, कलकत्ता हाईकोर्ट ने उनकी याचिका को खारिज कर दिया था.
अभिषेक बनर्जी ने हाईकोर्ट के फैसले को Supreme Court में चुनौती देते हुए विदेश जाने की इजाजत मांगी है. यह दूसरी बार है, जब इसी मामले में अभिषेक बनर्जी को Supreme Court जाना पड़ा है.
पिछली याचिका में भी अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें उन्हें आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत देने से इनकार कर दिया गया था. मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वेंकिटा सुब्रमण्यम मोहन की तीन जजों की बेंच ने मामले को कलकत्ता हाईकोर्ट भेज दिया था.
इसके बाद, 5 अगस्त को हाईकोर्ट में जस्टिस भट्टाचार्य की बेंच के सामने यह मामला फिर से सुनवाई के लिए आया. हाईकोर्ट ने शुरू में सुझाव दिया कि अभिषेक बनर्जी की आंखों की स्थिति की जांच एसएसकेएम अस्पताल के मेडिकल बोर्ड से कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि क्या भारत में उनका इलाज हो सकता है. मेडिकल बोर्ड को 7 अगस्त तक रिपोर्ट जमा करनी होगी.
हालांकि, अभिषेक बनर्जी मेडिकल बोर्ड के सामने जाने के लिए सहमत नहीं थे. इसके बाद अदालत ने उनकी याचिका खारिज कर दी. हाईकोर्ट ने कहा, “आवेदक के वकील की दलील को देखते हुए कि वह (अभिषेक बनर्जी) कोर्ट के निर्देशानुसार मेडिकल बोर्ड के सामने पेश नहीं होंगे. कोर्ट का मानना है कि याचिका दायर करके उठाए गए मुद्दे को और अधिक समय तक लंबित नहीं रखा जाना चाहिए. इसलिए, मौजूदा याचिका खारिज की जाती है.”
इसके बाद, डायमंड हार्बर के टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी ने आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की इजाजत के लिए Supreme Court में फिर से एक नई याचिका दायर की है. हालांकि, मामले की सुनवाई के लिए अभी तारीख तय नहीं हुई है.
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डीसीएच/