मोहन भागवत के जेन-जी वाले बयान पर सपा का पलटवार, कहा- युवाओं से मिल रही चुनौतियों से सरकार चिंतित

नई दिल्ली, 7 अगस्त . संसद परिसर में शुक्रवार को सपा सांसदों ने कराधान संशोधन विधेयक, यूपीआई भुगतान पर संभावित शुल्क, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) प्रमुख मोहन भागवत की जेन जी को लेकर टिप्पणी सहित कई मुद्दों पर सरकार की आलोचना की.

सपा सांसद राम गोपाल यादव ने टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) बिल, 2026 पर प्रतिक्रिया देते हुए आरोप लगाया कि सरकार की प्राथमिकता जनता को राहत देना नहीं, बल्कि लोगों पर आर्थिक बोझ बढ़ाना है. अब तक ऐसा कोई कानून नहीं बनाया गया जो आम जनता के हित में हो. सरकार का उद्देश्य लोगों की जेब से अधिक से अधिक पैसा निकालना और बाद में उसे विभिन्न योजनाओं के माध्यम से ‘रेवड़ियों’ के रूप में बांटना है.

यूपीआई भुगतान पर संभावित शुल्क लगाए जाने की चर्चाओं पर भी राम गोपाल यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि सरकार लगातार ऐसे फैसले ले रही है, जिनसे आम लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का ध्यान उत्पादक कार्यों के बजाय राजस्व बढ़ाने और लोगों से अधिक पैसा वसूलने पर केंद्रित है.

आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत की जेन जी आंदोलन को लेकर की गई टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए राम गोपाल यादव ने कहा कि भाजपा सरकार युवाओं से मिल रही चुनौतियों को लेकर चिंतित है. उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार राजनीतिक रूप से दबाव में आती है, तब वह आरएसएस की ओर रुख करती है और उससे रास्ता निकालने या अपनी ओर से बयान देने की अपेक्षा करती है.

इसी मुद्दे पर सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि यदि आरएसएस प्रमुख युवाओं को लोकतांत्रिक मूल्यों की सीख दे रहे हैं, तो उन्हें पहले अपनी ही सरकार को इस सलाह का पालन करने के लिए कहना चाहिए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन नागरिकों का अधिकार है. उन्होंने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने वाले छात्रों के खिलाफ कई स्थानों पर लाठीचार्ज, आंसू गैस और गोलीबारी जैसी कार्रवाई की गई, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है.

महिला आरक्षण विधेयक पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि यह विधेयक पहले ही संसद से सर्वसम्मति से पारित हो चुका है. उनके अनुसार अब सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है और इसकी जिम्मेदारी विपक्ष पर डालने का प्रयास कर रही है. उन्होंने मांग की कि सरकार इस कानून को जल्द लागू करे ताकि महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व का लाभ मिल सके.

झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) से जुड़े छात्रों के आंदोलन पर अवधेश प्रसाद ने कहा कि छात्रों की समस्याओं को गंभीरता से लिया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि चाहे छात्र झारखंड के हों, उत्तर प्रदेश, राजस्थान या किसी अन्य राज्य के, सभी देश के भविष्य हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन सरकार उनके समाधान के प्रति अपेक्षित संवेदनशीलता नहीं दिखा रही है.

संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू की सदन की कार्यवाही सुचारु रूप से चलाने की अपील पर भी अवधेश प्रसाद ने प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि विपक्ष भी सदन को व्यवस्थित ढंग से चलाने का पक्षधर है, लेकिन सांसदों को ज़ीरो आवर के दौरान अपने-अपने क्षेत्रों से जुड़े मुद्दे उठाने का पूरा अवसर मिलना चाहिए. उनका आरोप था कि जीरो आवर (शून्यकाल) में भी व्यवधान उत्पन्न किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया के लिए उचित नहीं है.

एसएके/वीसी