एफएसएसएआई ने नियामकीय उल्लंघनों को लेकर पीआईई फूड्स को मोंक फ्रूट स्वीटनर उत्पादों की बिक्री रोकने का दिया निर्देश

नई दिल्ली, 7 अगस्त . भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने शुक्रवार को कहा कि उसने पीआईई फूड्स को अपने मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट स्वीटनर और मोंक फ्रूट स्वीटनर ड्रॉप्स की बिक्री तुरंत रोकने का निर्देश जारी किया है. यह कार्रवाई लाइसेंसिंग और खाद्य सुरक्षा नियमों के कई उल्लंघन पाए जाने के बाद की गई.

खाद्य नियामक के अनुसार, निरीक्षण में पाया गया कि पीआईई फूड्स अपने एफएसएसएआई लाइसेंस में वैध रीलेबलर अनुमोदन के बिना इन उत्पादों का विपणन कर रही थी.

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए नियामक ने कहा कि कंपनी अपने लाइसेंस में आवश्यक ई-कॉमर्स व्यवसाय स्वीकृति के बिना ई-कॉमर्स वेबसाइट चला रही थी.

एफएसएसएआई ने कहा कि उत्पादों के लेबल पर अनिवार्य घोषणाएं नहीं थीं और उन पर ‘100 प्रतिशत मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट’ तथा ‘प्राकृतिक सामग्री’ जैसे दावे किए गए थे.

इसके अलावा, कंपनी के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर ‘डॉक्टर द्वारा अनुशंसित’ का दावा भी प्रदर्शित किया गया था. नियामक ने कहा कि यह खाद्य सुरक्षा एवं मानक लेबलिंग और प्रदर्शन विनियम, 2020 तथा खाद्य सुरक्षा एवं मानक विज्ञापन और दावे विनियम, 2018 का उल्लंघन है.

उल्लंघनों को देखते हुए, नियामक ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत कंपनी को निर्देश दिया कि आवश्यक अनुमोदनों के साथ वैध एफएसएसएआई केंद्रीय लाइसेंस प्राप्त करने तक इन दोनों मोंक फ्रूट स्वीटनर उत्पादों की बिक्री तुरंत बंद कर दी जाए.

एफएसएसएआई ने यह भी कहा कि बिक्री दोबारा शुरू करने से पहले कंपनी को मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट के इस्तेमाल के लिए आवश्यक नियामकीय मंजूरी हासिल करनी होगी. लागू प्रावधानों के तहत मोंक फ्रूट एक्सट्रैक्ट को एक गैर-निर्दिष्ट खाद्य सामग्री माना जाता है.

बिक्री रोकने का आदेश नियामक की उस प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं के लिए उत्पादों का विपणन करने से पहले खाद्य कारोबारी लाइसेंसिंग, लेबलिंग, विज्ञापन और खाद्य सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं का पालन करें.

इससे पहले, खाद्य नियामक ने स्विट्ज फूड्स प्राइवेट लिमिटेड का खाद्य कारोबार लाइसेंस निलंबित कर दिया था. इसके विनिर्माण संयंत्र के निरीक्षण में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों के गंभीर उल्लंघन सामने आए थे.

एबीएस