
नई दिल्ली, 7 अगस्त . Supreme Court ने शुक्रवार को हेट स्पीच मामले में तृणमूल कांग्रेस की सांसद महुआ मोइत्रा की सुनवाई करने से इनकार कर दिया. टीएमसी सांसद ने याचिका में पुलिस के सामने वर्चुअली पेश होने की इजाजत मांगी थी.
Supreme Court में महुआ मोइत्रा के वकील ने कहा कि एक फेसबुक पोस्ट के कारण उनके (महुआ मोइत्रा) खिलाफ मामला दर्ज किया गया था. वकील ने कहा कि उन्हें वीडियो-कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जांच अधिकारी के सामने पेश होने की इजाजत दी जानी चाहिए.
हालांकि, कोर्ट ने महुआ मोइत्रा की इस मांग पर सवाल उठाया. कोर्ट ने पूछा, “वर्चुअली क्यों? क्या इसलिए कि आप सांसद हैं?”
महुआ मोइत्रा के वकील ने कहा कि उन्हें (महुआ मोइत्रा) डर है कि अगर वह पुलिस के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होती हैं, तो भीड़ उन पर हमला कर सकती है. जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस शील नागू की बेंच ने महुआ मोइत्रा की इस चिंता को भी खारिज कर दिया कि पुलिस स्टेशन जाने पर उन पर अंडे फेंके जा सकते हैं.
जस्टिस दत्ता ने कहा, “आप सांसद हैं? राजनीति में आने के बाद भी आपको अंडों से डर लगता है? जबकि हमारे आजादी की लड़ाई लड़ने वालों ने अपनी छाती पर गोलियां खाई थीं?” Supreme Court ने कहा कि इस तरह की याचिका दाखिल नहीं की जानी चाहिए थी.
इसके बाद महुआ मोइत्रा के वकील ने याचिका वापस लेने का अनुरोध किया. नतीजतन, याचिका को वापस ली गई मानकर खारिज कर दिया गया.
बता दें कि महुआ मोइत्रा के खिलाफ नादिया के हागलबेरिया पुलिस स्टेशन में भड़काऊ भाषण और धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज किया गया है. हालांकि, कलकत्ता हाईकोर्ट ने महुआ के खिलाफ 5 अक्टूबर तक किसी भी कार्वाई पर रोक लगाते हुए उन्हें 14 अगस्त को जांच अधिकारी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया है.
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डीसीएच/