मद्रास हाई कोर्ट ने हॉर्स-ट्रेडिंग मामले में एक और आरोपी को दी जमानत

चेन्नई, 7 अगस्त . मद्रास हाईकोर्ट ने हॉर्स ट्रेडिंग मामले में एक और आरोपी कृष्णन को जमानत दे दी है. इस मामले में जमानत पर रिहा होने वाले आरोपियों की कुल संख्या 14 हो गई है.

ट्रिपलिकेन पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया था, जिन पर आरोप था कि उन्होंने हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए उथंगराई निर्वाचन क्षेत्र के थवेका विधायक इलैयाराजा को प्रभावित करने की कोशिश की थी. इस मामले में पूर्व डीएमके मंत्री सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है.

इस बीच, मद्रास हाईकोर्ट ने ट्रिपलिकेन पुलिस की जांच पर रोक लगा दी है. रोक के दौरान गिरफ्तार आरोपियों में से एक कृष्णन ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में याचिका दायर की. जस्टिस जी.के. इलंथिरायण ने याचिका को मंजूरी दी और कृष्णन को जमानत दे दी. इस आदेश के साथ हॉर्स ट्रेडिंग मामले में गिरफ्तार सभी 14 लोग अब जमानत पर रिहा हो गए हैं.

जज ने कार्तिकेयराजा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका की सुनवाई भी 1 सितंबर तक के लिए टाल दी और निर्देश दिया कि तब तक याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई न की जाए. इसके अलावा कोर्ट ने सेतुराज और राजसेकर पर लगाई गई जमानत की शर्तों में ढील दी, जिन्हें पहले इस मामले में जमानत पर रिहा किया गया था.

इसके पहले 5 अगस्त को मद्रास हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के पूर्व मंत्री वी. सेंथिल बालाजी और उनके भाई अशोक कुमार को अग्रिम जमानत की शर्तों में ढील दी थी. दोनों को जांच अधिकारी के सामने दिन में दो बार पेश होना पड़ता था. जस्टिस जी.के. इलंथिरायण ने सेंथिल बालाजी और अशोक कुमार की उन याचिकाओं पर यह आदेश दिया, जिनमें अग्रिम जमानत देते समय लगाई गई शर्तों में बदलाव की मांग की गई थी.

1 अगस्त को तमिलनाडु के पूर्व मंत्री और डीएमके विधायक वी. सेंथिल बालाजी ने कहा था कि टीवीके विधायक को प्रभावित करने के प्रयास के संबंध में दर्ज एफआईआर में उनका नाम नहीं है. वह कानूनी तरीके से इस मामले का सामना करेंगे और साबित करेंगे कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप झूठे हैं.

पूर्व मंत्री ने सतर्कता और भ्रष्टाचार-रोधी निदेशालय द्वारा उनके खिलाफ दर्ज किए गए एक अन्य मामले का भी जिक्र किया. इस मामले में उनके ठिकानों पर तलाशी भी ली गई थी. उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले में Supreme Court का रुख किया था और अग्रिम जमानत हासिल की है. उन्होंने कहा था कि वह न्यायिक प्रक्रिया में सहयोग करने और सभी मामलों को उचित अदालतों में लड़ने के लिए तैयार हैं.

ओपी/वीसी