खुलकर बोलें कि युवाओं को देश विरोधी क्यों कहा गया, अमित शाह सदन में आकर जवाब दें : प्रियंका चतुर्वेदी

नई दिल्ली, 7 अगस्त . आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के जेन-जी आंदोलन को लेकर दिए गए बयान पर शिवसेना (यूबीटी) नेता और पूर्व राज्यसभा सदस्य प्रियंका चतुर्वेदी ने शुक्रवार को कड़ी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि बातें इशारों में नहीं, खुलकर और सीधे कही जानी चाहिए.

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने हालिया छात्र आंदोलनों और जेन जी को लेकर गुरुवार को कहा था कि यदि जेन जी विरोध-प्रदर्शन कर रही है तो उन्हें ‘देशविरोधी’ नहीं कहा जाना चाहिए. यह देश की पीढ़ी है और उनके मुद्दों को संवाद के जरिए समझकर समाधान निकालने की जरूरत है.

प्रियंका चतुर्वेदी ने से कहा, “क्यों इशारों में बात कर रहे हैं? खुलकर और साफ-साफ बोलना चाहिए. चूंकि वे खुद भारतीय जनता पार्टी की मुख्य नेता और मार्गदर्शक हैं, इसलिए उन्हें स्पष्ट रूप से कहना चाहिए कि भाजपा के राज्यसभा और लोकसभा सांसदों के साथ-साथ विधायकों ने बार-बार उन्हें देश विरोधी करार देने की कोशिश की.”

उन्होंने आरोप लगाया, “उन पर आरोप लगाया गया कि उन्हें प्रदर्शन में शामिल होने के लिए पैसे दिए गए हैं. क्या उनके खिलाफ ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना, उन पर लाठीचार्ज करना, पैलेट गन चलाना या एके-47 लेकर कर्मियों को तैनात करना सही था? इसे खुलकर संबोधित किया जाना चाहिए क्योंकि जो हुआ वह बिल्कुल गलत था. जो उनकी मांगें थीं, बिल्कुल जायज थीं.”

प्रियंका चतुर्वेदी ने युवाओं के मुद्दों पर भी बात की. उन्होंने कहा, “युवाओं की जो समस्या है, वह हम सब की समस्या है. राहुल गांधी ने युवाओं से बात की है और कहा है कि हम हर संभव प्रयास करेंगे. जहां भी बच्चों की समस्या होगी, हम उनके साथ खड़े हैं, चाहे सरकार भाजपा की हो या गैर भाजपा की.”

संसद में लगातार कार्यवाही स्थगित होने पर उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह से जवाब मांगा. प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा, “खुद अमित शाह सदन में चुन कर आए हैं. प्रधानमंत्री भी लोकसभा क्षेत्र से जीतकर सदन में आए हैं. दिल्ली से लेकर पूरे देश में माहौल बना हुआ है कि इस तरह का एफआईआर करना, उनके ऊपर लाठियां चलाना, गोलियां चलाना, ये सब किसके कहने पर हुआ था, अमित शाह सदन में आकर जवाब दें.”

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