
रांची, 7 अगस्त . झारखंड में छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर भाजपा नेताओं ने राज्य सरकार पर निशाना साधा. भाजपा नेताओं ने कहा कि झारखंड में एक ऐसी सरकार है, जिसे छात्रों के हितों से कोई लेना देना नहीं है. यह सरकार छात्रों के हितों को कुलचने वाली सरकार है.
भाजपा विधायक उज्ज्वल दास ने समाचार एजेंसी से बातचीत में कहा कि झारखंड में छात्रों का भविष्य बर्बाद करने वाली सरकार चल रही है. इस सरकार से यह उम्मीद करना कि छात्रों का भविष्य सुधरेगा या उनका भविष्य उज्ज्वल होगा, यह पूरी तरह से गलत है.
उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी छात्रों से अगर मुलाकात करने की मुख्यमंत्री की इच्छा होती, तो वो जरूर मुलाकात करते, लेकिन सीएम की मुलाकात करने की कोई इच्छा ही नहीं है, तो वो मिलेंगे कहां से?
झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बाबू लाल मरांडी ने भी छात्रों के प्रदर्शन का मुद्दा उठाया. उन्होंने अपने बयान में कांग्रेस नेता राहुल गांधी का भी जिक्र किया.
राहुल गांधी ने छात्रों के समर्थन का ऐलान कर दिया है, जिस पर प्रतिक्रिया देते हुए बाबू लाल मरांडी ने कहा कि देखिए मैं कहूंगा कि राहुल गांधी को हेमंत सोरेन से मुलाकात करनी चाहिए. अगर हेमंत सोरेन किसी भी प्रकार की सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं. कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं तो ऐसी स्थिति में उन्हें हेमंत सोरेन से अलग हो जाना चाहिए.
उन्होंने कहा कि यह लोग सिर्फ बच्चों का शोषण कर रहे हैं. यह लोग सिर्फ सांकेतिक रूप से दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि हम आपके साथ हैं. आखिर आप बच्चों के साथ कैसे हैं. इस बात को साबित करके दिखाए तो किसी ठोस नतीजे पर भी पहुंचा जा सकेगा. ये लोग सिर्फ जुबानी तौर पर यह दावा कर रहे हैं कि हम बच्चों के साथ हैं. सच्चाई यह है कि इन्हें प्रदर्शनकारी छात्रों के हितों से कोई लेना देना नहीं है.
उधर, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों से भी वीडियो कॉल के जरिए भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि यहां प्रदर्शनकारी छात्र राहुल गांधी से बात कर रहे हैं, कोई दिपके से बात कर रहा है, तो कोई वामपंथी नेता नेहा बोर से भी बात कर रहा हो या कोई योगेंद्र यादव या केजरीवाल से बात कर रहा हो. यह इन लोगों का अपना आंतरिक मामला है, जिस पर मैं कोई खास रिएक्शन नहीं देना चाहता हूं, लेकिन मैं इतना जरूर कहूंगा कि इन लोगों का आंदोलन मौजूदा समय में सही दिशा में चल रहा है. अब अगर कोई हाइजैक करने की कोशिश कर रहा है, तो वो अलग विषय है. मुझे पूरा विश्वास है कि प्रदर्शनकारी छात्र किसी के भी झांसे में नहीं आएंगे. छात्र अपनी मांगों को लेकर पूरी तरह से अडिग हैं.
साथ ही, उन्होंने दिल्ली और रांची में छात्रों के आंदोलन के बीच के फर्क को भी रेखांकित किया. उन्होंने कहा कि दोनों आंदोलन के बीच में कई तरह के अंतर साफ देखने को मिल रहे हैं. इस बात को किसी भी कीमत पर खारिज नहीं किया जा सकता है कि दिल्ली के आंदोलन में एक से बढ़कर एक नमूने देखने को मिले थे. वहां पर कई तरह के आपत्तिजनक नारे भी लगे जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता. यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर भी विवादित टिप्पणी की गई थी, लेकिन यहां के विरोध प्रदर्शन में इस तरह की स्थिति देखने को नहीं मिल रही है. यहां पर शांतिपूर्वक आंदोलन किया जा रहा है. यहां पर भारत माता की जय के नारे लग रहे हैं और तिरंगा यात्रा भी निकाला जा रहा है.
भाजपा नेता ने दिल्ली में छात्रों के आंदोलन में अमर्यादित शब्दों के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई. उनके मुताबिक, जिस तरह से आंदोलन में शामिल छात्रों ने अमर्यादित शब्दों का इस्तेमाल किया. क्या किसी सभ्य परिवार के लोग ऐसा कर सकते थे. मेरा कहना है कि उस काल में भी त्रेता युग में भी शूर्पणखा जैसे लोग थे, वैसे ही शूर्पणखा जैसे लोग आज भी देखने को मिलते हैं. सभ्य परिवार के लोग प्रधानमंत्री के बारे में इस तरह की अशोभनीय भाषा का इस्तेमाल नहीं कर सकते हैं. जिन लोगों ने भी पीएम मोदी को लेकर ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया, बहुत मुमकिन है कि उनके घरों में भी ऐसी भाषा का इस्तेमाल किया जाता हो. दिल्ली के आंदोलन में एक से बढ़कर एक नमूने शामिल हुए थे. मैं इन सभी नमूने लोगों की आलोचना करता हूं.
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एसएचके/वीसी