सीबीआई कोर्ट ने बैंक धोखाधड़ी मामले में ओबीसी के पूर्व अधिकारी को 7 साल की सजा सुनाई

जयपुर, 7 अगस्त . जयपुर की सीबीआई कोर्ट ने 6 अगस्त 2026 को बैंक धोखाधड़ी के एक मामले में ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (शियोसिंहपुरा, लालसोट, दौसा) के तत्कालीन स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा को दोषी ठहराया और उन्हें सात साल की सख्त सजा सुनाई और 1,25,000 रुपए का जुर्माना भी लगाया.

सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) ने ओरिएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स (ओबीसी) की शिकायत पर 1 फरवरी 2019 को यह मामला दर्ज किया था. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ओबीसी के स्पेशल असिस्टेंट मुरारी लाल मीणा ने अपने पद का गलत इस्तेमाल करते हुए बेईमानी से बिना अधिकार के ‘नो ड्यूज’ सर्टिफिकेट जारी किए. इससे लोन की बकाया राशि होने के बावजूद गिरवी रखी गई सिक्योरिटीज को रिलीज करने में मदद मिली और बैंक को तीन लोन अकाउंट्स में 12,14,660.71 रुपए का गलत तरीके से नुकसान हुआ.

जांच पूरी होने के बाद, सीबीआई ने 30 सितंबर 2019 को आरोपी के खिलाफ चार्जशीट दायर की. आरोपी के खिलाफ 12 अक्टूबर 2022 को आरोप तय किए गए. ट्रायल के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी ठहराया और सजा सुनाई.

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