
सोल, 8 अगस्त . दक्षिण कोरिया में गर्मी से जुड़ी बीमारियों का असर अगस्त के दूसरे पखवाड़े तक भी लगातार बढ़ रहा है. सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, गर्मियों के अंतिम दौर में लू और अत्यधिक गर्मी से बीमार पड़ने वाले लोगों की संख्या पिछले एक दशक में करीब तीन गुना हो गई है.
योनहाप न्यूज एजेंसी के अनुसार, गृह मंत्रालय के तहत एक शोध संस्थान ने कोरिया डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन एजेंसी (केडीसीए) के डेटा का विश्लेषण किया है. इसके अनुसार, 2011-2015 के दौरान “इपचू” से अगस्त के अंत तक हर साल औसतन 215 मामले सामने आए थे.
‘इपचू’ पारंपरिक कोरियाई कैलेंडर में शरद ऋतु की शुरुआत का संकेत माना जाता है. इस साल इपचू 7 अगस्त को पड़ा. यह आंकड़ा 2016-2020 में बढ़कर सालाना औसत 658 और 2021-2025 में 638 हो गया.
इसी अवधि में गर्मी से जुड़ी बीमारियों से होने वाली मौतों में भी इजाफा हुआ है. 2012-2015 में सालाना औसत 3.3 मौतें होती थीं, जो पिछले दशक 2016 से 2025 में बढ़कर 4 से अधिक हो गई हैं. 2024 में स्थिति खास तौर पर गंभीर रही. उस साल इपचू से अगस्त के अंत तक 1,299 लोग गर्मी से जुड़ी बीमारियों की चपेट में आए, जबकि 12 लोगों की मौत हुई.
मौसम विभाग का अनुमान है कि इस साल भी अगस्त के अंत तक हीट वेव का असर जारी रहेगा, यानी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम ही है. देश भर में दिन का अधिकतम तापमान 31-35 डिग्री सेल्सियस रहने की आशंका है. आंकड़े संकेत देते हैं कि पारंपरिक रूप से शरद ऋतु की शुरुआत माने जाने वाले समय में भी दक्षिण कोरिया में अत्यधिक गर्मी अब गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनती जा रही है.
दिनों दिन बढ़ते तापमान को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने एडवाइजरी जारी की है. आम लोगों को पानी पीते रहने, सुबह 11 से शाम 4 बजे तक घर से बाहर न निकलने, और ढीले और सूती कपड़े पहनें. मौसम विभाग के अनुसार अगस्त के अंत तक 31-35 डिग्री की गर्मी और लू जारी रहेगी. बुजुर्गों और बच्चों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी गई है.
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केआर/