झारखंड में छात्रों पर लाठीचार्ज को लेकर संसद में घमासान, विपक्ष पर राजनीति का आरोप

नई दिल्ली, 11 अगस्त . झारखंड में विधानसभा का घेराव करने जा रहे छात्रों पर लाठीचार्ज का मुद्दा सड़क से लेकर संसद तक गर्माया हुआ है. कांग्रेस गृह मंत्री अमित शाह से सदन में जवाब देने की मांग पर अड़ी हुई है, वहीं भाजपा ने झारखंड सरकार की छात्रों पर लाठीचार्ज की कार्रवाई की निंदा करते हुए विपक्ष पर राजनीति करने का आरोप लगाया है.

कांग्रेस सांसद तारिक अनवर ने से कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सदन में आकर जवाब देना चाहिए. उन्होंने कहा, “उम्मीद करते हैं कि गृह मंत्री अमित शाह और प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा और राज्यसभा में अपना दर्शन देंगे. यह मांग विपक्ष की ओर से लगातार हो रही है. मुझे इस बात पर हैरानी होती है कि लोकसभा जो देश की सबसे बड़ी पंचायत है, वहां पर पीएम मोदी और गृहमंत्री शाह को आने में आखिर क्या संकोच है.”

तारिक अनवर ने कहा कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री, गृहमंत्री या विपक्ष का कोई भी नेता हो, उसका सदन के प्रति दायित्व बनता है. उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि लोकतंत्र में प्रधानमंत्री, गृह मंत्री या फिर कोई विपक्ष का नेता हो, कोई भी हो, उसका सदन के प्रति कुछ दायित्व है और उनका सदन में आना आवश्यक है.”

भाजपा सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने झारखंड में जेपीएससी छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की कड़ी निंदा की. उन्होंने कहा, “झारखंड में छात्रों के साथ गलत हो रहा है. छात्र वहां पर सही मांग के साथ धरना दे रहे हैं. वे शांतिपूर्ण धरना दे रहे हैं.” सिग्रीवाल ने आरोप लगाया, “शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बावजूद राज्य सरकार ने बल प्रयोग किया और छात्रों पर बर्बरतापूर्वक आंसू गैस के गोले दागे. इस कार्रवाई के लिए मैं झारखंड सरकार की कठोर शब्दों में भर्त्सना करता हूं. सरकार को तुरंत छात्रों से वार्ता करके उनकी मांगों को मानना चाहिए.”

भाजपा नेता रोहन गुप्ता ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, “छात्रों के नाम पर राजनीति करने वालों की पोल छात्रों ने ही खोलकर रख दी है. जंतर-मंतर पर जो लोग राजनीति कर रहे हैं, उसे पूरे देश ने देखा. झारखंड में छात्रों के ऊपर लाठीचार्ज हो रहा है लेकिन विपक्ष सिर्फ बयान पर बयान दे रहा है.”

उन्होंने सवाल उठाया, “इस समय राहुल गांधी कहां हैं? क्या झारखंड देश से बाहर है? क्या सिर्फ बयान से काम हो जाएगा? छात्रों को सिर्फ सहानुभूति नहीं बल्कि निर्णायक कार्रवाई से मतलब है. भाजपा सरकार ने छात्रों के साथ बैठकर हर मुद्दे पर चर्चा की लेकिन विपक्ष ने सिर्फ राजनीति की. छात्रों पर किसी भी प्रकार की बर्बरता नहीं होनी चाहिए.”

एससीएच/पीएम