अभिषेक बनर्जी को मिली अंतरिम सुरक्षा पर शिकायतकर्ता बोला-‘वे साइको हैं, विदेश से भी हत्या का आदेश दे सकते हैं’

कोलकाता, 11 अगस्त . तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने वाले याचिकाकर्ता अभिजीत दास ने मंगलवार को उन्हें ‘साइको’ कहा और आरोप लगाया कि वे ‘विदेश यात्रा के दौरान भी उसकी हत्या का आदेश दे सकते हैं.’

याचिकाकर्ता का यह आरोप तब आया है जब कलकत्ता हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने मंगलवार को अभिषेक बनर्जी को पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा उनके खिलाफ दर्ज तीन और मामलों में गिरफ्तारी समेत पुलिस की सख्त कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा दे दी.

पश्चिम बंगाल पुलिस ने तृणमूल सांसद के खिलाफ कुल 16 मामले दर्ज किए थे, जिनमें से उन्हें पहले ही 13 मामलों में अंतरिम सुरक्षा मिल चुकी थी.

से ​​भाजपा अभिजीत दास ने कहा, “मैं डायमंड हार्बर का रहने वाला हूं और तृणमूल के शासनकाल में हुए अत्याचारों से अच्छी तरह वाकिफ हूं. मुझ पर तीन-चार बार हमले हुए, जिसके कारण मुझे काफी चोटें आईं और यहां तक ​​कि मेरे पैर में धातु की प्लेट भी लगवानी पड़ी. यह सब उन्हीं (अभिषेक) के आदेश पर हुआ था.”

उन्होंने कहा, “सुनवाई के दौरान इसीलिए मेरे वकील ने कहा था कि मेरी हत्या हो सकती है और इसलिए सुरक्षा की मांग की गई थी.”

दास ने कहा कि उन्होंने डायमंड हार्बर सांसद के खिलाफ 17 शिकायतें दर्ज कराई थीं और उनमें से 10 से 12 शिकायतों के आधार पर एफआईआर दर्ज की गई थी.

उन्होंने कहा, “दिसंबर 2018 में मुझ पर हमला हुआ था जब मैं भाजपा का जिला अध्यक्ष था. जब मैंने एफआईआर दर्ज कराने की कोशिश की, तो वह दर्ज नहीं की गई… तो मैं क्या करूं? अगर मुझ पर ऐसे अत्याचार हुए हैं, तो कोई भी अंदाजा लगा सकता है कि जनता ने क्या झेला होगा.”

Supreme Court द्वारा अभिषेक बनर्जी को अपनी आंख के इलाज के लिए तीन सप्ताह तक विदेश यात्रा की अनुमति दिए जाने पर शिकायतकर्ता ने दावा किया, “अभिषेक कितने खतरनाक हैं, इसे देखते हुए… मुझे लगता है कि वह एक मनोरोगी (साइको) हैं, इसलिए यह संभव है कि वह विदेश से भी मेरी हत्या का आदेश दे सकते हैं.”

हालांकि, अभिजीत दास ने कहा कि वह डरते नहीं हैं. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा, “अभिषेक सोचते हैं कि मैं उनका एकमात्र दुश्मन हूं, इसलिए वह ऐसा कर सकते हैं.”

इसके अलावा, दास ने दावा किया कि कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर करने के बाद उसकी सीआईएसएफ सुरक्षा हटा ली गई थी. दास ने कहा, “इस वजह से अब मेरी जान खतरे में है. पुलिस को मेरी सुरक्षा करने का दायित्व निभाना चाहिए.”

एससीएच/पीएम