कर्नाटक: जेल में छापेमारी के बाद प्रज्वल रेवन्ना को वीआईपी सेल से सामान्य बैरक में किया गया शिफ्ट

बेंगलुरु, 12 अगस्त . जेल में बंद पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मोबाइल मिलने के बाद उन्हें बेंगलुरु सेंट्रल जेल में वीआईपी सेल से हटाकर सामान्य कैदियों वाली बैरक में भेज दिया गया.

बुधवार शाम को मामले ने नया मोड़ ले लिया, जब सोशल मीडिया पर 17 सेकंड का एक कथित वीडियो वायरल हुआ. वीडियो में प्रज्वल रेवन्ना बैरक के अंदर मोबाइल फोन पर बात करते दिखाई दे रहे हैं. हालांकि, वीडियो की पुष्टि नहीं हुई है और जेल प्रशासन की ओर से भी इस पर अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है.

कथित वीडियो में प्रज्वल जेल की अनिवार्य कपड़े की जगह रंगीन कपड़े पहने दिखाई दे रहे हैं. वह मोबाइल फोन पर बात करते नजर आ रहे हैं. वीडियो में उन्हें यह कहते हुए भी सुना जा सकता है कि उन्होंने दो दिन पहले फोन किया था. इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल के अंदर मोबाइल फोन के इस्तेमाल को लेकर नए सवाल खड़े हो गए हैं.

मोबाइल फोन मिलने के बाद प्रज्वल को ऐसी बैरक में भेजा गया है, जहां करीब 20 अन्य कैदी भी रहते हैं और सभी के लिए एक ही शौचालय है.

इसके अलावा उन्हें जेल की अनिवार्य वर्दी पहनने और जेल पुस्तकालय में काम करने के निर्देश भी दिए गए हैं.

यह मामला विधानसभा के मानसून सत्र से एक दिन पहले सामने आया है. विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल (सेक्युलर) ने घोषणा की है कि जब तक योजना एवं सांख्यिकी मंत्री बी. नागेंद्र इस्तीफा नहीं देते, वे विधानसभा की कार्यवाही नहीं चलने देंगे.

बता दें कि हाल ही में सेंट्रल क्राइम ब्रांच (सीसीबी) ने परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में छापा मारा था. इस दौरान प्रज्वल की सेल से एक मोबाइल फोन और एक पेन ड्राइव बरामद होने का दावा किया गया था.

बरामद सामान में ब्लू रेडमी 5जी मोबाइल फोन, चार्जर, एक नीली पॉकेट नोटबुक और एक काली सैनडिस्क पेन ड्राइव शामिल थी. रिपोर्ट के अनुसार, मोबाइल और पेन ड्राइव में अश्लील वीडियो भी मिले थे.

इसके बाद प्रज्वल को वीआईपी सेल से हटाकर सामान्य दोषी कैदियों की बैरक में भेज दिया गया. इससे पहले वह और एक अन्य विचाराधीन कैदी प्रताप राय वीआईपी सेल में रह रहे थे. पॉक्सो मामले में गिरफ्तार प्रताप राय कथित तौर पर प्रज्वल की मदद कर रहा था.

इस बीच, कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने बुधवार को कहा कि परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में सीसीबी की छापेमारी का आदेश उन्होंने स्वयं दिया था. इस छापे में 10 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनमें से एक प्रज्वल रेवन्ना की बैरक से मिला था.

पुलिस के अनुसार, प्रज्वल की बैरक से मिले मोबाइल फोन में कई ओटीटी ऐप्स भी पाए गए हैं.

जेल विभाग के डीजीपी आलोक कुमार ने बताया कि लापरवाही के आरोप में सहायक अधीक्षक ईरन्ना को निलंबित कर दिया गया है. वहीं जेल अधीक्षक अंशुकुमार को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है.

आलोक कुमार ने कहा कि प्रज्वल की बैरक से मोबाइल फोन और चार्जर बरामद किया गया है तथा मोबाइल में कई ओटीटी एप्लिकेशन मिले हैं. उन्होंने यह भी कहा कि यह जांच की जाएगी कि कहीं जेल के वाईफाई नेटवर्क का उपयोग तो नहीं किया गया था.

एएमटी/डीकेपी