अवामी लीग ने बांग्लादेश सरकार पर ऊर्जा संकट को लेकर निशाना साधा

ढाका, 13 अगस्त . बांग्लादेश की अवामी लीग ने सत्ताधारी बीएनपी सरकार पर देश को अभूतपूर्व ऊर्जा संकट में धकेलने का आरोप लगाया है.

पार्टी का कहना है कि सरकार ने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली पिछली अंतरिम सरकार की ‘घातक नीतिगत सुस्ती’ को जारी रखा है. पार्टी ने दावा किया कि रोजाना 6 से 12 घंटे तक बिजली कटौती के कारण पूरे देश में लोगों का जीवन बहुत मुश्किल हो गया है.

अवामी लीग ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए कहा, “यह संकट अब कोई छोटी-मोटी या कुछ समय की परेशानी नहीं रह गई है, यह पूरी तरह से सिस्टम के फेल होने जैसा है. जब बिजली की भारी कमी ने बड़े शहरों और जिलों, दोनों को ही ठप कर दिया है तो दुनिया भर में एक ही सवाल उठ रहा है कि क्या कोई सभ्य, विकासशील देश इतने बड़े पैमाने पर संस्थागत विफलता के बावजूद ठीक से काम कर सकता है?”

लंबे समय तक बिजली कटौती से लोगों और अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले तुरंत और विनाशकारी असर को बताते हुए पार्टी ने कहा कि ऊर्जा संकट ने लोगों की निजी जिंदगी को तो प्रभावित किया ही है, साथ ही शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, उद्योग और पूरी अर्थव्यवस्था जैसे अहम क्षेत्रों पर भी बुरा असर डाला है.

अवामी लीग ने कहा, “आम जिंदगी अब बस गर्मी, अंधेरे और कमी के हिसाब-किताब तक सिमट कर रह गई है. परिवारों की नींद उड़ गई है. छोटी-छोटी दुकानें जल्दी बंद हो जाती हैं. खाना पकाने और रोजमर्रा के कामों में घंटों रुकावट आती है. शिक्षा पर बहुत बुरा असर पड़ा है. ग्रामीण और अर्ध-शहरी इलाकों में छात्र फोन की रोशनी में पढ़ाई करते हैं या शाम का काम पूरी तरह छोड़ देते हैं. पिछले दस सालों में तैयार किए गए डिजिटल लर्निंग टूल लंबी बिजली कटौती के दौरान बेकार हो जाते हैं.”

पार्टी ने आगे कहा, “उद्योगों और फैक्टरियों में उत्पादन के घंटे और प्रतिस्पर्धा की क्षमता कम हो रही है. औद्योगिक इलाकों में कपड़ा इकाइयों में बार-बार घंटों तक काम रुकने की खबरें आ रही हैं. चावल की मिलें बंद पड़ी हैं. खुलना में झींगा पालन करने वाले खेतों में एरेटर (ऑक्सीजन देने वाली मशीनें) फेल होने से ऑक्सीजन की भारी कमी हो जाती है, जिससे पूरा स्टॉक बर्बाद होने का खतरा रहता है. राजशाही और नटोर में सिंचाई पंप बंद हो जाते हैं. पहले से ही गैस की कमी से जूझ रहे निर्माताओं को अब बिजली की कमी का भी सामना करना पड़ रहा है, जिससे डीजल की लागत बढ़ रही है और निर्यात शिपमेंट में देरी हो रही है.”

अवामी लीग ने इस बात पर जोर दिया कि बांग्लादेश का स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र बहुत ज्यादा जोखिम में काम कर रहा है, क्योंकि क्षेत्रीय अस्पताल और क्लीनिक गहन देखभाल इकाइयों (आईसीयू) को चलाने, सर्जरी करने और वैक्सीन कोल्ड चेन बनाए रखने के लिए डीजल जनरेटर पर बहुत ज्यादा निर्भर हैं. पार्टी ने कहा कि ऐसे स्वास्थ्य सेवा सिस्टम में, जो अभी भी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रहा है, लंबे समय तक बिजली कटौती मरीजों की सुरक्षा के लिए सीधा और गंभीर खतरा पैदा करती है.

पार्टी ने कहा, “पूरी अर्थव्यवस्था को इसका मिला-जुला नुकसान उठाना पड़ता है. बांग्लादेश का विकास मॉडल विनिर्माण, कृषि और विदेशी खरीदारों के भरोसे पर टिका है. लगातार कमी से लागत बढ़ती है, निवेश कम होता है और देश की वह विश्वसनीयता खत्म होती है जिसे बनाने में सालों लगे हैं.”

अवामी लीग ने कहा कि देश की ऊर्जा सुरक्षा कोई विलासिता की चीज नहीं है, बल्कि ‘आधुनिक जीवन, शिक्षा, उद्योग और स्वास्थ्य सेवा’ की नींव है.

2024 की राजनीतिक उथल-पुथल के बाद सत्ता में आईं सरकारों की कड़ी आलोचना करते हुए अवामी लीग ने कहा, “बांग्लादेश के मौजूदा शासकों, पहले अंतरिम प्रशासन और अब चुनी हुई बीएनपी सरकार ने एक ऐसे संकट को, जिसे हल किया जा सकता था, राष्ट्रीय आपातकाल का रूप लेने दिया है. बत्तियां गुल हो रही हैं. सवाल यह है कि जनता और कितने समय तक इस अंधेरे को बर्दाश्त करेगी.”

एससीएच/डीकेपी