
शिलॉन्ग, 13 अगस्त . शिलॉन्ग लाजोंग एफसी ने 135वें डूरंड कप के क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली है. इस टीम ने गुरुवार को शिलॉन्ग के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में ‘ग्रुप-ई’ के मुकाबले में लैंग्सनिंग एफसी के साथ 3-3 से रोमांचक ड्रॉ खेला.
यह नतीजा शिलॉन्ग लाजोंग को सात अंकों के साथ ग्रुप में शीर्ष पर पहुंचाने के लिए काफी था, भले ही लैंग्सनिंग एफसी ने शानदार खेल दिखाया और ग्रुप-ई में पांच अंकों के साथ दूसरे स्थान पर अपना अभियान समाप्त किया.
शिलॉन्ग लाजोंग के लिए जोआओ विटोर डी पाउला मोराइस (जोटा) ने हाफ-टाइम से पहले और बाद में दो गोल किए, जबकि एवरब्राइटन साना ने अंत में तीसरा गोल किया. लैंग्सनिंग एफसी ने बहादुरी से वापसी की और कायरमेन्स्कहेम मुखिम, वाडाजीद किन्साई रिंगखलेम और सैयद अहमद के माध्यम से गोल किए; आखिरी गोल दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम में हुआ.
इस नतीजे ने बेहतर गोल अंतर के रिकॉर्ड के कारण टूर्नामेंट की दो सर्वश्रेष्ठ दूसरे स्थान वाली टीमों के रूप में ईस्ट बंगाल और जमशेदपुर एफसी की क्वार्टर फाइनल में जगह भी पक्की कर दी.
शिलॉन्ग लाजोंग ने शुरुआती 30 सेकंड में ही अपने इरादे जाहिर कर दिए, उन्हें एक शुरुआती फ्री-किक मिली जिसे फ्रांगकी बुआम ने खतरनाक तरीके से बॉक्स में डाला, लेकिन लैंग्सनिंग ने खतरे को टाल दिया.
दोनों तरफ से मौके बनते रहे. 25वें मिनट में डिफेंस में हुई गड़बड़ी की वजह से गतिरोध टूटा. जोएडसन ने जोटा की तरफ लाइन-ब्रेकिंग पास देने की कोशिश की, जिसे लैंग्सनिंग के कप्तान एटलांसन खारमाव ने रोक लिया, लेकिन गेंद फिसलकर सीधे जोटा के रास्ते में आ गई. अपने सामने जगह मिलने पर, जोटा बॉक्स में घुसे और शांति से गोल कर दिया.
चार मिनट बाद (30′) शिलांग लाजोंग ने अपनी बढ़त दोगुनी कर दी, और दूसरा गोल वाकई शानदार था. दबाव में सना ने एक अनोखा बैकहील शॉट खेलकर जोटा को गेंद दी, जिन्होंने कुछ स्टेपओवर्स के साथ अपने मार्कर को छकाया और फिर दूर के कोने में गोल कर दिया.
लैंग्सनिंग ने हार नहीं मानी. दो गोल से पीछे होने के बावजूद उनका रवैया पूरी तरह से प्रतिबद्ध रहा, क्योंकि वे जानते थे कि सिर्फ जीत ही उन्हें क्वार्टर फाइनल में पहुंचा सकती है. 37वें मिनट में सैयद अहमद ने सरकार से एक शानदार बचाव करवाया, और चार मिनट बाद संगमा के लंबे थ्रो पर बिना किसी रुकावट के गेंद मिलने के बाद मुखिम ने करीब से हेडर मारा, लेकिन गेंद ऊपर चली गई.
दूसरे हाफ की शुरुआत में शिलांग लाजोंग अपनी बढ़त लगभग बढ़ा ही चुके थे, लेकिन बुआम के लो शॉट को लिंगदोह ने बचा लिया और उसके बाद ट्रेमिकी लामुरोंग के फॉलो-अप शॉट में इतनी ताकत नहीं थी कि गोलकीपर को और परेशान कर सके.
लैंग्सनिंग ने दो मिनट के भीतर ही जवाब दिया. बाईं ओर से संगमा के पास पर मुखिम को बिना किसी रुकावट के गेंद मिली, और इस फॉरवर्ड खिलाड़ी ने 49वें मिनट में करीब से हेडर मारकर गोल किया और अंतर को आधा कर दिया.
इस गोल ने मैच की लय को साफ तौर पर बदल दिया; लैंग्सनिंग बराबरी करने के लिए आगे बढ़ रही थी, जबकि शिलांग लाजोंग अपनी ही हाफ में सिमटती जा रही थी. 63वें मिनट में इस दबाव का असर दिखा; मुखिम ने समझदारी दिखाते हुए क्रॉसफील्ड पास डेनेल्सन पिंग्रोप के लिए छोड़ा, जिनके क्रॉस पर वाडाजीद ने शानदार हेडर मारकर स्कोर बराबर कर दिया.
शिलॉन्ग लाजोंग ने भी वापसी की कोशिश की. 69वें मिनट में बुआम ने अपने मार्कर को छकाकर बॉक्स में जगह बनाई, लेकिन लिंगदोह ने उनके कटबैक को रोक दिया. दोनों टीमें मौके बनाती रहीं और मैच रोमांचक होता गया. दोनों ही टीमें जीतना चाहती थीं, न कि सिर्फ एक पॉइंट से संतुष्ट होना चाहती थीं—हालांकि शिलॉन्ग लाजोंग के लिए एक प्वाइंट भी काफी होता.
आखिरकार 82वें मिनट में सफलता मिली और यह टीम वर्क का बेहतरीन नमूना था. कप्तान केनस्टार खारशोंग ने बाईं ओर से क्रॉस दिया जो दूर वाले पोस्ट पर खड़े सना तक पहुंचा; सना के हेडर ने लिंगदोह को छकाते हुए गोल किया और शिलॉन्ग लाजोंग को फिर से बढ़त दिला दी.
लैंगसनिंग ने हार नहीं मानी. दूसरे हाफ के स्टॉपेज टाइम के पहले मिनट में, शॉर्ट कॉर्नर के बाद दाईं ओर से एक क्रॉस आया जिसे शिलॉन्ग लाजोंग की टीम क्लियर नहीं कर पाई. अहमद ने पीछे वाले पोस्ट पर उछलकर हेडर से गोल किया और मैच बराबरी पर लाते हुए यादगार वापसी की.
इसके बाद मैच में कोई और उलटफेर नहीं हुआ. शिलॉन्ग लाजोंग ने आखिरी पलों में अपनी बढ़त बनाए रखी और एक प्वाइंट हासिल किया.
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आरएसजी