आरजी कर मामला : टीएमसी नेता की गिरफ्तारी पर पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने दी प्रतिक्रिया

कोलकाता, 13 अगस्त . आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में ट्रेनी महिला डॉक्टर की दुष्कर्म और हत्या से जुड़े मामले में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद पश्चिम बंगाल में सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. गिरफ्तारी को लेकर टीएमसी और भाजपा नेताओं ने अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं. टीएमसी नेताओं ने जांच और न्याय प्रक्रिया पर भरोसा जताते हुए कहा कि दोषी को सजा मिलनी चाहिए. वहीं, भाजपा ने गिरफ्तारी को देर से उठाया गया कदम बताते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं.

लोकसभा सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने निर्मल घोष की गिरफ्तारी पर कहा कि आरजी कर की घटना बेहद दुखद थी. यह मामला एक ऐसी डॉक्टर से जुड़ा था, जिसके साथ उसके कार्यस्थल पर गंभीर अपराध हुआ. मामले की जांच सही तरीके से होनी चाहिए और जो भी दोषी है, उसे कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए. उन्होंने यह भी जिक्र किया कि वह इस मामले में इससे ज्यादा कुछ नहीं कह सकती हैं.

एनसीपीआई सांसद सायोनी घोष ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति संदेह के घेरे में है या उसके खिलाफ आरोप हैं, तो उसकी जांच होना जरूरी है. आरजी कर घटना के बाद से ही जनता की प्रमुख मांग रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. इसी मांग के अनुरूप सरकार ने कदम उठाए हैं और पुलिस प्रशासन अपना काम कर रहा है.

उन्होंने उम्मीद जताई कि जिन लोगों से जांच के सिलसिले में सहयोग की आवश्यकता है, वे जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करेंगे.

भाजपा विधायक प्रसेनजीत बाग ने निर्मल घोष की गिरफ्तारी को लेकर टीएमसी और पूर्ववर्ती राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि निर्मल घोष की गिरफ्तारी बहुत पहले हो जानी चाहिए थी और कार्रवाई में काफी देरी हुई है.

भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने आरजी कर मामले से जुड़ी कई बातों को छिपाने की कोशिश की. अब कुछ लोगों की गिरफ्तारी हुई है और आगे एक-एक करके अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है. जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी देखा जाएगा कि इस पूरे मामले में तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कोई भूमिका थी या नहीं.

टीएमसी सांसद डोला सेन ने गिरफ्तारी पर कहा कि साजिश, झूठ, अन्याय या किसी तरह का राजनीतिक अभियान अंतिम सत्य नहीं होता. उनकी पार्टी सत्य, न्याय, संविधान और भारत की जनता की ताकत में विश्वास करती है. कोई कुछ भी कर सकता है, लेकिन अंत में जनता ही अंतिम फैसला सुनाएगी.

पीएसके/एबीएम