
पटना, 14 अगस्त . सीवान में छात्रों पर एके-47 चलाने के विरोध में राजद नेता और बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव 19 अगस्त को राजभवन तक मार्च निकालेंगे. इस ऐलान के बाद एनडीए के नेताओं ने तेजस्वी यादव और राजद पर तीखा हमला बोला है. एनडीए नेताओं का कहना है कि यह मार्च छात्रों के मुद्दे को लेकर नहीं बल्कि अपनी सियासी जमीन बचाने के लिए किया जा रहा ड्रामा है.
बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने तेजस्वी के प्रस्तावित मार्च पर सवाल उठाते हुए कहा, “जिस मार्च को लेकर आप यह ड्रामा कर रहे हैं, उसके लिए आप अब आए हैं. जब आपको विपक्ष के नेता की भूमिका निभानी चाहिए थी, तब आप विदेश जाकर अपनी भूमिका निभा रहे थे और वहां से लौटने के बाद अब आप यह ड्रामा कर रहे हैं.”
उन्होंने तेजस्वी पर हमला बोलते हुए कहा, “लीडर ऑफ अपोजिशन का पद बहुत गंभीर व्यक्ति को दिया जाता है. दुर्भाग्य से आप बन गए. आपकी पार्टी बड़ी पार्टी है तो आपको नेता का दर्जा दे दिया गया. क्या आप अपने दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं?”
रामकृपाल ने कहा, “जब नेता प्रतिपक्ष की भूमिका आपको निभानी चाहिए थी तो आप विदेश में थे. अब आकर नाटक कर रहे हैं. जनता में थू-थू हुई, आपकी पार्टी में थू-थू हुई, तू-तू मैं-मैं हुआ. पार्टी आपकी खंडित होने वाली है. कार्यकर्ता भाग रहे हैं और आप जनता के मुद्दे, छात्रों के मुद्दे को लेकर मार्च कर रहे हैं.”
उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री ने छात्रों के दर्द को समझा है. नए एक्ट लाने का काम हुआ है, फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने का काम हुआ है और नीट की परीक्षा बिना गड़बड़ी के सम्पन्न हो, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है. अब आपकी नींद खुल रही है, इसलिए इस मार्च से कोई असर होने वाला नहीं है. बिहार की जनता कोई दिलचस्पी नहीं ले रही है.”
कैमूर से भाजपा एमएलसी संतोष सिंह ने भी तेजस्वी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा, “ये दोहरे मापदंड वाले लोग हैं. जब जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन हुआ, तो सबने उसका समर्थन किया. जब बिहार में विरोध प्रदर्शन हुआ, तब भी सबने उसका समर्थन किया. झारखंड में कुछ नहीं कहते. उन्हें छात्रों की कोई चिंता नहीं है. छात्रों के भविष्य पर सिर्फ राजनीति कर रहे हैं. अगर हिम्मत है तो हेमंत सोरेन से कहें कि झारखंड में छात्रों पर लाठियों बरसाने वालों को जेल भेजें.”
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पीआईएम/वीसी