धीरेंद्र शास्त्री का जेन-जी को संदेश: ‘गति की दिशा देश और राम की तरफ हो तो भारत बनेगा विश्वगुरु’

छतरपुर, 14 अगस्त . बागेश्वर धाम में शुक्रवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई. इस मौके पर बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री भी तिरंगा यात्रा में मौजूद रहे. पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने जेन-जी को देश की सबसे तेज और समझदार पीढ़ी बताते हुए कहा कि अगर इस पीढ़ी की गति देश और राम की दिशा में होगी तो भारत की प्रगति निश्चित है.

वहीं, उन्होंने 80वें स्वतंत्रता दिवस पर संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि हर राष्ट्रवादी को संकल्प लेना होगा कि देशद्रोही भारत में न रहें. तिरंगा यात्रा के दौरान उन्होंने कहा कि इंद्र देव भी राष्ट्र प्रेम को रोक नहीं पाए और लोगों की जुबान पर “सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा” गूंज रहा था.

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री जेन-जी को लेकर कहा, “वर्तमान पीढ़ी बहुत ही तेज और समझदार है. इस पीढ़ी में गति है और गति से ही प्रगति होगी. गति की दिशा अगर देश और राम की तरफ होगी, तो निश्चित ही भारत की प्रगति होगी. जेन-जी देश की सबसे समझदार और सबसे तेज गति से आगे बढ़ने वाली पीढ़ी है और हमारा भविष्य है. निश्चित रूप से हमें रूढ़ीवादी परंपराओं से ऊपर उठकर, जेनजी के साथ खड़े होकर, इन्हें देश और राम प्रेम में लगाकर देश को विश्वगुरु बनाना होगा.”

तिरंगा यात्रा को लेकर उन्होंने कहा, “आज तिरंगा यात्रा निकाली गई और इंद्र देव भी इस राष्ट्र प्रेम को रोक नहीं पाए. अद्भुत नजारा था, सबके दिलों में तिरंगा के प्रति स्नेह और सम्मान था. लोगों के जुबान से बागेश्वर धाम और तिरंगा यात्रा पर एक ही गीत गुंजायमान थी- सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तां हमारा.”

देश की जनता को 15 अगस्त का संदेश देते हुए उन्होंने कहा, “देश में 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्वर पर प्रत्येक राष्ट्रवादी विचारधारा के व्यक्ति को भारत माता के सपूतों को और प्रत्येक भारतीय नागरिकों को एक संकल्प लेना होगा, बढ़ती हुई स्वतंत्रता दिवस की अवस्था और बढ़ते हुए वर्ष में ये चिन्हित करना होगा कि देशद्रोही भारत में ना रहने पाएं. जिन्हे तिरंगा से प्यार नहीं, वो हमारा यार नहीं. जो खाते तो भारत का है, लेकिन गाते पाकिस्तान का है, उन्हें लाहौर की टिकट देनी चाहिए और एकता, अखंडता, स्वतंत्रता बनी रहे, ऐसा स्वतंत्रता दिवस के पावन पर्व पर संकल्प लेना चाहिए.”

केके/डीएससी