
मुंबई, 15 अगस्त . ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिममीन (एआईएमआईएम) के नेता वारिस पठान ने ‘वंदे मातरम’ को लेकर कहा कि वह इसका सम्मान करते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति को इसे गाने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए. वह सिर्फ अल्लाह की इबादत करते हैं और संविधान के तहत हर व्यक्ति को अपने धर्म का पालन करने की स्वतंत्रता प्राप्त है.
से बातचीत में वारिस पठान ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुंबई में विभिन्न स्थानों पर तिरंगा फहराया गया, जिसमें मदरसे के बच्चे, पुलिस अधिकारी और आम नागरिक शामिल हुए. सभी ने पूरे उत्साह और गर्व के साथ राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया और तिरंगे को सलामी दी. तिरंगा देश के सम्मान, गर्व और शान का प्रतीक है और वे हमेशा इसका सम्मान करते रहेंगे.
उन्होंने ‘वंदे मातरम’ के संबंध में कहा कि वे इसका सम्मान करते हैं, लेकिन कुछ पंक्तियों के धार्मिक अर्थ के कारण कोई मुस्लिम व्यक्ति इसे गाने में असहज महसूस कर सकता है. इसलिए किसी को इसे गाने के लिए बाध्य करना उचित नहीं है. सभी को अपने धर्मों के अनुसार, धर्म पालन करने का अधिकार प्राप्त है.
महिलाओं के सम्मान के मुद्दे पर वारिस पठान ने भाजपा पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि महिलाओं के सम्मान की बात करने वालों को अपने कार्यों में भी इसका पालन करना चाहिए. उन्होंने बिल्किस बानो मामले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में दोषियों के साथ किए गए व्यवहार के बाद महिलाओं के सम्मान की बात कैसे की जा सकती है? उन्होंने कहा कि देश की आजादी के 80 वर्ष पूरे हो चुके हैं और आज का युवा शिक्षा, रोजगार और देश की तरक्की चाहता है. उन्होंने राजनीतिक दलों से नफरत की राजनीति से बचने की अपील की.
पठान ने कहा कि देश में मुस्लिम समुदाय आज भी पिछड़ेपन का सामना कर रहा है. मुसलमानों को वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया. उन्हें वह नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे. उन्होंने कांग्रेस और भाजपा दोनों से सवाल किया कि उन्होंने कितने मुस्लिम उम्मीदवारों को चुनाव लड़ने का अवसर दिया?
पठान ने देश में शांति, सद्भाव और भाईचारा कायम रहने की कामना की. उन्होंने कहा कि सभी नागरिकों को मिलकर भारत की तरक्की में योगदान देना चाहिए. इसी एकता की वजह से भारत की खूबसूरती कायम है.
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डीकेएम/एबीएम