
शिमला, 15 अगस्त . हिमाचल प्रदेश विधानसभा में नेता विपक्ष जयराम ठाकुर ने शनिवार को कई मुद्दों पर बात की और मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर सवाल भी उठाए.
उन्होंने से बातचीत में कहा कि विधानसभा में सीएम सुखविंदर सुक्खू दावा करते हैं कि वो लॉ ग्रेजुएट हैं. वो कहते हैं कि आपके पास कानून की डिग्री नहीं है. मान लेते हैं कि मेरे पास कानून की डिग्री नहीं है. लेकिन, नियमों का पूरी गंभीरता से पालन करते हैं. उन्हें लगता है कि वो सीएम के पद पर विराजमान हैं, तो वो कानून से ऊपर हैं. अब उन्हें इस खास मौके पर किसी सरकारी संस्थान में कार्यक्रम का आयोजन कराने से पूर्व उसकी मंजूरी लेनी थी, लेकिन उन्हें लगा कि वो कानून से ऊपर हैं, उन्हें किसी भी प्रकार की मंजूरी की आवश्यकता नहीं है. जब शामियाना लग गया, तब जाकर हाई कोर्ट में उस चीज की अर्जी लगाई गई और मंजूरी की मांग की गई. लेकिन, कोर्ट ने कहा कि तब इन बातों का कोई मतलब नहीं रह जाता है. लेकिन, 15 अगस्त राष्ट्रीय महत्व से जुड़ा विषय है. ऐसी स्थिति में पहले मंजूरी ली जानी चाहिए थी.
उन्होंने कहा कि अब सीएम के ऐलान पर भरोसा नहीं रह गया है. बजट और चुनाव से पहले उन्होंने जो ऐलान किया था, उसे अब तक पूरा नहीं किया है. इसके बाद जनसभा में जो उन्होंने ऐलान किया था, उसे भी अब तक पूरा नहीं किया है. अगर आप लोग कर्मचारी हितैषी हैं, तो प्रदेशभर में सभी कर्मचारी धरने पर क्यों बैठे हुए हैं. एचआरटीसी के वर्तमान और पूर्व कर्मचारियों की हालत कैसी है, यह बात किसी से छिपी नहीं है. धर्मशाला में विधानसभा का घेराव करने लाखों कर्मचारी पहुंचे, जो कि आज से पहले हमें प्रदेश में कभी देखने को नहीं मिला. हाल ही में संपन्न हुए पंचायती राज और शहरी निकाय चुनाव में, इन्हें हार का मुंह देखना पड़ा है. हमें पता है कि उस हार की वजह से आपको गहरा दुख पहुंचा है, जिसका संज्ञान कांग्रेस की ओर से भी लिया गया है.
नेता प्रतिपक्ष ने स्वतंत्रता दिवस को लेकर देश के लोगों को बधाई दी. उन्होंने कहा कि आज स्वतंत्रता दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री मोदी ने 13वीं बार लाल किले की प्राचीर से देश की जनता को संबोधित किया. खास बात यह रही कि पहली बार संपूर्ण वंदे मातरम के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ. मैं प्रधानमंत्री के इस फैसले का अभिनंदन करता हूं. पिछले 14 सालों में रक्षा उत्पादन काफी बढ़ा है. इलेक्ट्रॉनिक मैन्युफैक्चरिंग में सात गुना वृद्धि हुई है. मोबाइल उत्पादन में 33 फीसद की वृद्धि हुई है. 12 साल के शासनकाल में डिजिटल लेनदेन भी काफी बढ़ा है.
उन्होंने कहा कि अब हम एआई के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्लान कर रहे हैं. इसके तहत करोड़ों युवाओं को प्रशिक्षित करने का काम होगा. नक्सलवाद तो समाप्त हो चुका है. लेकिन, दिमागी नक्सलवाद आज भी एक बड़ी समस्या है. लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी को अपनी बात कहने का हक है. लेकिन, कुछ लोग इस अधिकार का इस्तेमाल कर देश की छवि को धूमिल करने की कोशिश कर रहे हैं.
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एसएचके/एबीएम