
वाशिंगटन, 15 अगस्त . अमेरिका में भारत के राजदूत विनय मोहन क्वात्रा ने शनिवार को भारत के विकास और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने में योगदान के लिए प्रवासी भारतीयों की सराहना की.
भारतीय राजदूत क्वात्रा ने अमेरिका के वाशिंगटन में स्थित इंडिया हाउस में भारत का 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाया. इस मौके पर इंडिया हाउस में तिरंगा फहराया गया, सांस्कृतिक प्रस्तुति हुईं और पेंटिंग और क्विज कॉम्पिटिशन के युवा विजेताओं को सम्मानित किया गया.
वहीं, न्यूज एजेंसी के साथ बातचीत के दौरान अमेरिका में भारतीय राजदूत ने कहा, “आज हम सभी के लिए, यहां मौजूद सभी भारतीयों, प्रवासी भारतीयों, दुनिया भर में, खासकर अमेरिका में, एक बड़ा दिन है.”
क्वात्रा ने आगे कहा, “हमारी आजादी के पिछले आठ दशक सफलता और कामयाबी की एक बड़ी कहानी रहे हैं और हमने 2047 तक विकसित भारत बनाने के हमारे लक्ष्य को हासिल करने के लिए खुद को तैयार किया है.”
विकसित भारत, भारत का 2047 तक, यानी स्वतंत्रता दिवस के 100 साल पर एक विकसित देश बनने का लक्ष्य है.
अमेरिका में भारतीय राजदूत ने इस प्रयास में प्रवासी भारतीयों को केंद्र में रखा. उन्होंने नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी भूमिका को भी रेखांकित किया.
क्वात्रा ने कहा, “मैं भारतीय प्रवासी समुदाय के सदस्यों को बधाई देना चाहता हूं जिन्होंने न सिर्फ भारत की, बल्कि भारत-अमेरिका संबंधों की यात्रा में भी उल्लेखनीय योगदान दिया है. मजबूत भारत, विकसित भारत.”
समारोह के दौरान क्वात्रा ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का संबोधन भी पढ़कर सुनाया. राष्ट्रपति मुर्मु ने देश और विदेश में रहने वाले भारतीयों की राष्ट्र निर्माण में भूमिका और वैश्विक मंच पर देश की साख बढ़ाने के लिए सराहना की. उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति, डिजिटल बुनियादी ढांचे और बढ़ती भौतिक कनेक्टिविटी को भी रेखांकित किया.
राष्ट्रफति मुर्मु ने यह भी कहा कि विकास का लाभ समाज के वंचित वर्गों तक पहुंचे, इसे सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं. इस कार्यक्रम में भारतीय-अमेरिकी बच्चों के काम को प्रदर्शित किया गया. उनकी पेंटिंग्स में भारत की सांस्कृतिक परंपराओं, तकनीकी प्रगति और 2047 के लक्ष्यों को दर्शाया गया.
तेलंगाना से जुड़ी 10 वर्षीय अन्विका कज्जम ने अपनी श्रेणी में पहला पुरस्कार जीता. उनकी पेंटिंग में 2047 के भारत को दिखाया गया था, जिसमें देश के स्वतंत्रता संग्राम के साथ एक हरे-भरे और तकनीकी रूप से उन्नत भविष्य की उनकी कल्पना भी शामिल थी.
पांचवीं क्लास की छात्रा अन्विका ने न्यूज एजेंसी से कहा, “भारत हरा-भरा होगा और सभी जानवर शांति से रह सकेंगे. भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता में सुधार कर रहा है और अधिक उन्नत तकनीक विकसित कर रहा है.”
अन्य बच्चों ने उड़ने वाली कारें, रोबोट, रॉकेट, बुलेट ट्रेन और चांद की यात्रा के चित्र बनाए. उनके काम में शिक्षा, रोजगार, लैंगिक समानता, पर्यावरण संरक्षण और भारत की परंपराओं पर भी फोकस था. एक युवा प्रतिभागी ने एक तरफ किसानों वाले पुराने भारत को और दूसरी तरफ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कारों और रॉकेट वाले नए भारत को दर्शाया.
वहीं एक अन्य प्रतिभागी ने कहा, “जिस विषय पर मैंने चित्र बनाया वह था ‘मेरा भारतीय हीरो कौन है’. और मेरी नजर में मेरा सबसे बड़ा भारतीय हीरो मेरी मां है.”
भारतीय-अमेरिकी समुदाय अमेरिका में सबसे बड़े और पेशेवर रूप से सबसे प्रमुख प्रवासी समूहों में से एक है. इसके सदस्य व्यापार, तकनीक, चिकित्सा, शिक्षा, लोक सेवा और राजनीति में तेजी से अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं. भारत और अमेरिका ने रक्षा, व्यापार, जरूरी और नई तकनीक, ऊर्जा और शिक्षा में सहयोग बढ़ाया है. भारतीय समुदाय दोनों देशों के बीच लोगों के बीच एक जरूरी लिंक बना हुआ है.
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केके/डीकेपी