
बेंगलुरु, 23 अगस्त . प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने कर्नाटक लोक सेवा आयोग (केपीएससी) भर्ती मामले में कथित अनियमितताओं की जांच के तहत आईएएस अधिकारी ज्ञानेंद्र कुमार के बेंगलुरु स्थित आवास पर छापा मारा. यह कार्रवाई पशु चिकित्सा अधिकारियों (वेटरिनरी ऑफिसर्स) की भर्ती में कथित भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के आरोपों से जुड़े मामले में की गई है.
जानकारी के अनुसार, भर्ती प्रक्रिया के दौरान उम्मीदवारों से चयन के बदले 70 लाख से 80 लाख रुपए तक की रिश्वत मांगने के आरोप सामने आए थे. इसी मामले की जांच के क्रम में ईडी लगातार कार्रवाई कर रही है.
ईडी ने तीन दिन पहले केपीएससी के पूर्व अध्यक्ष शिवशंकरप्पा साहूकार के आवास समेत कई वेटरिनरी अधिकारियों के ठिकानों पर भी छापेमारी की थी. जांच एजेंसी अब उन अधिकारियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है, जो भर्ती परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े थे.
बताया जा रहा है कि ज्ञानेंद्र कुमार भर्ती परीक्षा प्रक्रिया के प्रभारी थे, जिसके चलते ईडी की जांच का दायरा अब उनकी भूमिका तक भी पहुंच गया है.
सूत्रों के अनुसार, ईडी के अधिकारी तीन इनोवा वाहनों में सवार होकर ज्ञानेंद्र कुमार के निजी अपार्टमेंट परिसर पहुंचे. कार्रवाई के दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों को भी परिसर के बाहर तैनात किया गया था. शुरुआती दौर में अपार्टमेंट का मुख्य प्रवेश द्वार बंद था और सुरक्षा कर्मियों ने अधिकारियों को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी. सुरक्षा कर्मियों का कहना था कि उन्हें इसके लिए कोई निर्देश नहीं मिला है.
बाद में ज्ञानेंद्र कुमार से संपर्क किए जाने के बाद सुरक्षा कर्मियों ने ईडी अधिकारियों को परिसर में प्रवेश करने की अनुमति दी. हालांकि, जब अधिकारी उनके फ्लैट तक पहुंचे तो वह बंद मिला. अपार्टमेंट स्टाफ ने बताया कि ज्ञानेंद्र कुमार घर पर मौजूद नहीं थे. वहीं, उनसे संपर्क करने की कोशिश करने पर उनका मोबाइल फोन बंद मिला.
ईडी अब भर्ती प्रक्रिया में कथित वित्तीय अनियमितताओं, रिश्वत के लेनदेन और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कर रही है. मामले में आगे और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.
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एएमटी/डीकेपी