होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाका बताकर वास्तविक दुनिया से कटे हुए दिख रहे डोनाल्ड ट्रंप: पूर्व राजनयिक

नई दिल्ली, 23 अगस्त . राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज स्ट्रेट की तस्वीरों को अमेरिकी इलाके के तौर पर शेयर करने पर पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा कि साइबरस्पेस में कुछ दिखाना असल दुनिया में सच नहीं हो जाता. अगर ट्रंप इसे गंभीरता से ले रहे हैं तो वह वास्तविकता से कटे हुए हैं. उन्होंने अमेरिका-कनाडा टैरिफ तनाव पर कहा कि कनाडा का बातचीत से हटना दुर्लभ है और अगर अमेरिका 50 फीसदी टैरिफ लागू करता है तो इससे दोनों देशों को नुकसान होगा.

पूर्व राजनयिक केपी फैबियन ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप ने साइबरस्पेस पर एक तस्वीर डाली है जिसमें होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी इलाका दिखाया गया है. अब, साइबरस्पेस में जो होता है, वह असल दुनिया में वैसा नहीं होता. इसलिए, अगर वह इसे गंभीरता से ले रहे हैं तो इसका मतलब है कि वह असल दुनिया से कटे हुए हैं.”

अमेरिका और कनाडा के बीच टैरिफ तनाव को लेकर उन्होंने कहा, “कुछ दिन पहले प्रेसिडेंट ट्रंप ने कहा था कि वे कुछ कैटेगरी के कनाडाई सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने जा रहे हैं. इसकी कीमत लगभग 20 बिलियन अमेरिकी डॉलर है. यह 19 अगस्त से लागू होना था. लेकिन फिर, 19 अगस्त से कुछ दिन पहले उन्होंने कहा कि वे इसे टाल देंगे और दोनों देशों के बीच व्यापार बातचीत शुरू हो गई. अब कनाडा बातचीत से हट गया है.”

उन्होंने कहा कि यह बहुत दुर्लभ है कि कोई देश बातचीत से हट जाए. समान्य तौर पर ऐसा होता है कि जब दो देशों के बीच व्यापारिक बातचीत होती है, तो हम डिप्लोमैटिक तरीके से वार्ता रोकते हैं. इसका मतलब यह है कि दोनों पक्षों को थोड़ा और वक्त चाहिए. और फिर से मुलाकात होती है. हम इसे ब्रेकडाउन नहीं कहते हैं. इस मामले में कनाडा बातचीत से हट गया है.

पूर्व डिप्लोमैट ने कहा, “अब अमेरिकी राष्ट्रपति इसे लेकर कनाडा को गहरा चोट देंगे. हालांकि, पीएम मार्क कार्नी ने कहा है कि जो अमेरिका कह रहा है, वो बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है. अगर ट्रंप अतिरिक्त टैरिफ लगाएंगे तो कनाडा भी उसी तरह से जवाब देगा. ऐसी स्थिति में कार्नी ने खुद दोनों देशों को टैरिफ युद्ध में घसीट लिया है. कनाडा में अमेरिका की 12 फीसदी जनसंख्या है. हालांकि, इनके पास अमेरिका का केवल 8 फीसदी ही जीडीपी है. लोगों की नजरों में कार्नी ज्यादा सकारात्मक हैं, ट्रंप के मुकाबले.”

उन्होंने कहा कि 36 फीसदी कनाडाई लोग अमेरिका को उसी की भाषा में जवाब देने के लिए कह रहे हैं. वहीं, 30 फीसदी लोग बातचीत से मामले को हल करने के लिए कह रहे हैं. ऐसी स्थिति में ट्रंप के हित में ये चीज है कि अगर 50 फीसदी टैरिफ लागू किया जाता है, तो कनाडा में 90 हजार नौकरियों पर प्रभाव पड़ेगा. इसका प्रभाव तो अमेरिका पर भी होगा, लेकिन सवाल ये है कि किसे ज्यादा नुकसान होगा.

केके/डीकेपी