लोगों की नजर में 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ जीरो, ग्रामीण इलाकों में लोगों की नहीं बढ़ी आय: सलमान सोज

नई दिल्ली, 1 सितंबर . भारत की 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ के सरकारी आंकड़े पर कांग्रेस नेता सलमान सोज ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि सरकार इंस्टाग्राम पर जश्न मना रही है, जबकि जमीनी हकीकत में महंगाई, बेरोजगारी और ग्रामीण आय स्थिर है.

वित्तीय वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में 7.8 फीसदी जीडीपी ग्रोथ पर कांग्रेस नेता सलमान सोज ने कहा, “सरकार ने तिमाही जीडीपी के ताज़ा आंकड़े जारी किए हैं जिसमें ग्रोथ 7.8 फीसदी दिखाई गई है. सरकार इंस्टाग्राम पर जाकर 7.8 फीसदी का जश्न मनाते दिख रही है. उन्हें लगता है कि जो लोग इस देश को लेकर चिंतित हैं, जो हम जैसे चिंतित हैं, उन्हें वो ‘दिमागी नक्सल’ या कुछ ऐसा कह रहे हैं.”

उन्होंने आगे कहा कि अगर चिंता करने की कोई वजह न होती, तो हम आपके सामने न आते. लेकिन मुझे लगता है कि प्रधानमंत्री जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं. देश में बहुत सारी समस्याएं हैं, महंगाई, बढ़ती कीमतें, बेरोजगारी और प्राइवेट सेक्टर में निवेश न होना. नौकरियां कहां से पैदा होंगी? आगे एआई और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियां हैं, लेकिन उनका रवैया यही है कि हम बस जश्न मनाते रहेंगे. लोग बहुत ही मुश्किल हालात में हैं.

सलमान सोज ने कहा, “8 करोड़ ऐसे बच्चे हैं जो न पढ़ रहे हैं, न काम कर रहे हैं. वे जश्न किस बात का मना रहेहैं?, किसके लिए मना रहेहैं?. अगर अर्थव्यवस्था इतनी अच्छी चल रही है तो निवेशक यहां से पैसा क्यों निकाल रहे हैं? भाई, हमारा देश इतना बड़ा देश है.”

उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि यह शानदार अर्थव्यवस्था है, तो आप यहां से पैसा क्यों निकाल रहे हैं? 2026 में अब तक भारतीय शेयर बाजार से लगभग ढाई लाख करोड़ रुपए निकाले जा चुके हैं. अगर अर्थव्यवस्था इतनी शानदार है, तो अर्थव्यवस्था में आपका निर्यात हिस्सा पहले के मुकाबले इतना कम क्यों है? और इस बार जो ग्रोथ आप दिखा रहे हैं, आपने देखा होगा, वो दिखाएंगे कि निर्यात में काफी बढ़ोतरी हुई है.

उन्होंने कहा कि मैं लोगों को बताना चाहता हूं कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वजह से पूरी दुनिया और हमारे देश में जो स्थिति बनने वाली है, उस पर बिल्कुल भी चर्चा नहीं हो रही है. हमारे पास पहले से ही बहुत सारी समस्याएं हैं, और वे आगे और बढ़ने वाली हैं.

न्यूज एजेंसी से उन्होंने कहा कि जो लोग अर्थव्यवस्था की बात कर रहे हैं और जश्न मना रहे हैं, मैं कह रहा हूं कि अगर अर्थव्यवस्था सच में इतनी मजबूत है, तो पिछले 10-12 सालों में हमारे ग्रामीण इलाकों के भाई-बहनों की आय क्यों नहीं बढ़ी? क्यों स्थिर है? अगर अर्थव्यवस्था इतनी मजबूत है, तो उनकी आय बढ़नी चाहिए. लेकिन सरकारी डेटा कहता है कि वास्तविक मजदूरी लगभग स्थिर है, तो उनके लिए अर्थव्यवस्था काम नहीं कर रही है.

केके/डीकेपी