
अयोध्या, 2 सितंबर . श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने बुधवार को तीन नए सदस्यों को ट्रस्ट में नियुक्त किया. इनमें से एक सदस्य के बारे में कहा जा रहा है कि वह विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) के पूर्व नेता अशोक सिंघल के रिश्तेदार हैं.
टीवी रिपोर्ट्स के मुताबिक, नए नियुक्त ट्रस्टियों में दिल्ली के महेश भागचंदका, अयोध्या के मदन मोहन पांडे और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं.
यह नई नियुक्ति मंदिर से जुड़े चढ़ावा चोरी के विवाद के कुछ महीनों बाद हुई है. उस विवाद ने देश भर में हंगामा खड़ा कर दिया था और प्रबंधन में बड़े बदलाव की मांग उठने लगी थी, जिसमें रोजमर्रा के कामकाज से लेकर उपहार और दान को व्यवस्थित तरीके से रखने तक की व्यवस्था शामिल थी.
राम मंदिर ट्रस्ट प्रशासन के लिए अपना पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भी चुनने जा रहा है. खबरों के मुताबिक इस शीर्ष पद की दौड़ में अब तीन लोग ही बचे हैं.
रिपोर्ट्स के अनुसार, सीईओ पद के लिए जिन लोगों पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है और जो इस दौड़ में सबसे आगे हैं, उनमें उत्तर प्रदेश के पूर्व आईपीएस अधिकारी राजेश पांडे, रिटायर आईएएस अधिकारी योगेश्वर राम मिश्रा और बिहार पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी परेश सक्सेना शामिल हैं.
सीईओ पद के लिए चुने गए इन तीन सदस्यों को संभावित उम्मीदवारों की एक बड़ी सूची में से चुना गया है. इस पद के लिए 5,500 से ज्यादा लोगों ने आवेदन किया था. इस पद के लिए आवेदन बिना किसी शर्त या रोक-टोक के सभी वर्गों से आमंत्रित किए गए थे.
ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास, हाल ही में नियुक्त कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरि और अन्य लोगों की एक अहम बैठक परिसर में चल रही है. इस बैठक में वे संभावित सीईओ के बारे में चर्चा करेंगे और उनके नाम को अंतिम रूप देंगे.
ट्रस्ट के सदस्य इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं कि राम मंदिर का पहला सीईओ कौन होगा. उनका कहना है कि अंतिम नाम का फैसला बोर्ड ऑफ ट्रस्टीज की चर्चा के बाद ही किया जाएगा.
हालांकि, सीईओ के पद पर कोई भी फैसला सर्वसम्मति से लिए जाने की संभावना है.
मंदिर के सीईओ की यह नियुक्ति ऐसे समय में हो रही है, जब मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी को लेकर विवाद हुआ था. इस विवाद के कारण आठ लोगों की गिरफ्तारी हुई थी और चंपत राय ने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया था.
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एमएस/एबीएम