
चेन्नई, 3 सितंबर . तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय की ओर से चेन्नई में 20 लाख वर्गफुट में नया सचिवालय बनाने की घोषणा की गई है. विधानसभा में बोलते हुए सीएम ने कहा कि अगली सदी की प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए चेन्नई में विधानसभा और सचिवालय वाला एक नया बिल्डिंग कॉम्प्लेक्स बनाया जाएगा, जिसकी अनुमानित लागत 1,200 करोड़ रुपए होगी.
उन्होंने कहा कि फोर्ट सेंट जॉर्ज का निर्माण शुरू हुआ और 1644 में पूरा हुआ. 1652 में इसे प्रेसीडेंसी का दर्जा मिला और यह ब्रिटिश शासन के दौरान सत्ता का आधिकारिक केंद्र रहा. आजादी के बाद से इस भवन को लगातार तमिलनाडु सरकार के सचिवालय के तौर पर जाना जाता है. लगभग 400 साल से यह तमिलनाडु सरकार के प्रशासनिक केंद्र और राज्य की शासन विरासत के प्रतीक के तौर पर खड़ा है. लगभग 12 एकड़ में फैले इस कैंपस में सचिवालय के कामकाज के लिए तमिलनाडु सरकार के सीधे नियंत्रण में केवल 4 एकड़ जमीन उपलब्ध है.
सीएम विजय ने कहा कि क्योंकि बाकी हिस्सा भारत के रक्षा मंत्रालय और आर्कियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (एएसआई) के नियंत्रण में आता है, इसलिए सुविधाओं का विस्तार या अपग्रेड करना संभव नहीं है. अभी सचिवालय दो इमारतों से काम करता है. मुख्य सचिवालय की इमारत, जिसे मूल रूप से गवर्नर के आवास के तौर पर बनाया गया था, में अभी विधानसभा, मुख्यमंत्री और मुख्य सचिव के कार्यालय, वित्त विभाग और प्रशासन के अन्य महत्वपूर्ण विभाग स्थित हैं. यह कॉम्प्लेक्स 2,07,000 वर्ग फुट के इलाके में फैला हुआ है.
सीएम ने कहा कि प्रशासनिक जरूरतों को पूरा करने के लिए 1978 में 3,75,000 वर्ग फुट में ‘नमक्कल कविग्नार मालिगई’ का निर्माण किया गया, जिसमें ग्राउंड फ्लोर और 10 ऊपरी मंजिलें हैं. इन इमारतों से 30 से ज्यादा सरकारी विभाग, सचिव, अधिकारी और 6,000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं. जगह की भारी कमी और जन-प्रशासन के हित को देखते हुए, पहले ओमंदुरार सरकारी एस्टेट में एक नया सचिवालय बनाया गया था. हालांकि बाद में उस इमारत को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में बदल दिया गया, इसलिए सचिवालय फोर्ट कैंपस से ही काम करता रहा.
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 40 वर्षों में सचिवालय के सभी विभागों में कर्मचारियों की संख्या और प्रशासनिक जिम्मेदारियां काफी बढ़ गई हैं. फिर भी मौजूदा इंफ्रास्ट्रक्चर में ज्यादा बदलाव न होने के कारण यह ठहराव की स्थिति में पहुंच गया है. इसके अलावा चूंकि फोर्ट सेंट जॉर्ज के अंदर बची हुई जमीन रक्षा विभाग और एएसआई की है, इसलिए यहां अतिरिक्त निर्माण और आधुनिकीकरण नहीं किया जा सकता है.
सीएम ने कहा कि हालाँकि फोर्ट सेंट जॉर्ज तमिलनाडु की प्रशासनिक विरासत का एक गौरवशाली प्रतीक है, फिर भी तमिलनाडु के भविष्य के प्रशासनिक विकास को सहारा देने, कुशल शासन सुनिश्चित करने और विश्व-स्तरीय जन-प्रशासन इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने के लिए एक एकीकृत नए सचिवालय कॉम्प्लेक्स का निर्माण जरूरी हो गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस नए कॉम्प्लेक्स में, सभी सरकारी विभागों को एक ही एकीकृत प्रशासनिक छत के नीचे लाया जाएगा. यहां आधुनिक प्रशासनिक सुविधाएं बनाई जाएंगी जो अग्नि सुरक्षा प्रोटोकॉल, दिव्यांगजनों के लिए पूर्ण पहुंच मानकों और ग्रीन बिल्डिंग नियमों का पालन करेंगी. इसमें अत्याधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल, नागरिक सेवा केंद्र और अधिकारियों के लिए आधुनिक कार्यस्थल होंगे. साथ ही, फोर्ट सेंट जॉर्ज की ऐतिहासिक इमारतों को ऐतिहासिक स्मारकों के रूप में संरक्षित किया जाएगा ताकि उनकी विरासत का मूल्य बना रहे और आने वाली पीढ़ियां उनकी सराहना कर सकें.
इसके साथ ही सीएम ने कहा कि तमिलनाडु में एक ‘ओलंपिक सिटी’ बनाई जाएगी और इसे तेजी से विकसित किया जाएगा. इसमें आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं होंगी, जैसे कि वर्ल्ड-क्लास स्पोर्ट्स एरिना, अत्याधुनिक स्पोर्ट्स इक्विपमेंट, हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर, स्पोर्ट्स साइंस और स्पोर्ट्स मेडिसिन यूनिट्स, और एथलीटों व कोचों के लिए रहने की सुविधा.
उन्होंने कहा कि यह कैंपस एक प्रमुख इंटीग्रेटेड ग्लोबल स्पोर्ट्स हब के तौर पर काम करेगा, जो नेशनल और इंटरनेशनल स्पोर्ट्स टूर्नामेंट की मेजबानी करने में मदद करेगा. साथ ही ओलंपिक मेडल जीतने में सक्षम टैलेंटेड एथलीटों को तैयार करेगा.
सीएम ने कहा कि तमिलनाडु आज मोटर रेसिंग के क्षेत्र में भी एक अग्रणी राज्य है. यहां एक मजबूत ऑटोमोबाइल मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम मौजूद है. तमिलनाडु में ग्लोबल-लेवल की रेस कारों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट और उनसे जुड़ी सहायक इंडस्ट्रीज लगाने के लिए आदर्श माहौल है. वर्ल्ड-क्लास मोटरस्पोर्ट रेसिंग सर्किट बनाने से टूरिज्म, खास तरह की गाड़ियों के मैन्युफैक्चरिंग, रोजगार पैदा करने और आर्थिक विकास के लिए बड़े मौके खुलेंगे.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्पोर्ट्स टूरिज्म को बढ़ावा देने, तमिलनाडु के युवाओं में मोटरस्पोर्ट्स के प्रति बढ़ते जुनून को पोषित करने, उन्हें जरूरी ट्रेनिंग देने और तमिलनाडु को मोटरस्पोर्ट्स के लिए एक प्रमुख इंटरनेशनल हब के तौर पर स्थापित करने के लिए राज्य में एक नई ‘मोटरस्पोर्ट्स सिटी’ बनाई जाएगी. यह मोटरस्पोर्ट्स सिटी टैलेंट की खोज करेगी, ट्रेनिंग और कॉम्पिटिटिव प्लेटफॉर्म देगी, नेशनल और इंटरनेशनल रेसर तैयार करेगी और स्पोर्ट्स टूरिज्म को काफी आगे बढ़ाएगी.
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एसडी/वीसी