
मुंबई, 3 सितंबर . राष्ट्रीय राजनीति में जाने की संभावनाओं को लेकर जारी अटकलों के बीच, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को इन अफवाहों पर पूरी तरह से विराम लगा दिया. उन्होंने साफ किया कि वे कम से कम 2029 तक राज्य में ही अपनी सेवाएं देते रहेंगे.
एक मराठी टीवी चैनल के इंफ्रा कॉन्क्लेव में बोलते हुए, मुख्यमंत्री फडणवीस ने राष्ट्रीय राजधानी जाने की बार-बार आ रही खबरों पर बात की और कहा कि उनका भविष्य पार्टी के नेताओं के हाथ में है.
उन्होंने कहा, “मेरी पार्टी और मेरे नेता ही मेरी भूमिका तय करेंगे. जिस दिन वे तय करेंगे, मैं जरूर दिल्ली जाऊंगा. आज की बात करूं तो मेरा मानना है कि मैं 2029 तक दिल्ली नहीं जा रहा हूं.”
मीडिया में हो रही लगातार चर्चाओं को खारिज करते हुए उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा, “मेरे कुछ शुभचिंतकों का मानना है कि दिल्ली जाना मेरे लिए प्रमोशन होगा, जबकि कुछ लोगों को लगता है कि अगर मैं चला गया तो उनके सिर से बोझ हट जाएगा. लोग चाहें या न चाहें, मेरे नेता मुझे 2029 तक महाराष्ट्र में ही रखेंगे. हर दो-तीन महीने में, जब किसी के पास कोई खबर नहीं होती या वे कोई चर्चा पैदा करना चाहते हैं, तो वे मुझे दिल्ली भेज देते हैं. असल में मुझे इसमें मजा आता है.”
मुख्यमंत्री का बयान शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत के गुरुवार को किए गए एक चौंकाने वाले दावे के बाद आया है. राउत ने दावा किया था कि भले ही देवेंद्र फडणवीस ने राष्ट्रीय राजनीति में जाने की बात से इनकार किया हो, लेकिन प्रधानमंत्री उन्हें नई दिल्ली बुलाकर कोई बड़ी जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं.
मीडिया से बात करते हुए राउत ने दावा किया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के अंदरूनी हलकों में फडणवीस को आगे बढ़ाने को लेकर चर्चा चल रही है. प्रधानमंत्री, सीएम फडणवीस को दिल्ली लाना चाहते हैं और उन्हें कोई अहम जिम्मेदारी सौंपना चाहते हैं. यह बात मैं पक्के तौर पर जानता हूं.”
राउत ने दावा किया कि संघ चाहता है कि किसी ऐसे प्रमुख नेता को उप-प्रधानमंत्री बनाया जाए जो अभी केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा नहीं है. आरएसएस का मानना है कि जो व्यक्ति कैबिनेट में पीएम मोदी का उत्तराधिकारी बनने वाला है, उसे उप-प्रधानमंत्री की भूमिका में लाया जाना चाहिए और जहां तक मुझे पता है, वह व्यक्ति अभी दिल्ली में नहीं है.
इस बीच, मुख्यमंत्री फडणवीस ने महाराष्ट्र के आर्थिक भविष्य के लिए विजन भी पेश किया. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य हासिल करने के बहुत करीब है. महाराष्ट्र की मौजूदा विकास दर 8.8 प्रतिशत है, जो काफी अच्छी है, लेकिन इस दशक में अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए इसे 10 प्रतिशत के आंकड़े को पार करना होगा.
फडणवीस ने कहा, “कई राज्य 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने का सपना देखते हैं, लेकिन महाराष्ट्र इसे हासिल करने के सबसे करीब है क्योंकि हम पहले ही 660 बिलियन डॉलर तक पहुंच चुके हैं. अगर हम लगातार विकास दर बनाए रखते हैं, तो हम निश्चित रूप से 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बन जाएंगे.”
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एससीएच/एबीएम